नीट पेपर लीक प्रदर्शन की एफआईआर रद्द करने सुप्रीम कोर्ट पहुंची केंद्र सरकार, अनुच्छेद 142 के इस्तेमाल की मांग
छात्रों पर दर्ज मामलों को खत्म करने की मांग, 5 सितंबर के प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले केंद्र के कदम पर कॉकरोच जनता पार्टी की प्रतिक्रिया
नई दिल्ली: नीट परीक्षा में पेपर लीक के खिलाफ छात्रों के प्रदर्शन के दौरान दर्ज एफआईआर को लेकर केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। केंद्र ने अदालत से संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्ति का इस्तेमाल करते हुए छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की मांग की है। केंद्र की इस पहल को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आने लगी हैं।
केंद्र ने एफआईआर रद्द करने की मांग की
केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष मामले की तत्काल सुनवाई का अनुरोध किया। केंद्र ने कहा कि सामान्य कानूनी प्रक्रिया के बजाय सुप्रीम कोर्ट अपनी विशेष संवैधानिक शक्ति का इस्तेमाल कर इन एफआईआर को रद्द कर सकता है। सरकार का तर्क है कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को खत्म करने की प्रक्रिया सामान्य तरीके से पूरी करने में काफी समय लग सकता है।
अनुच्छेद 142 के इस्तेमाल पर जोर
पिछली सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में बताया गया था कि एफआईआर वापस लेने की सामान्य प्रक्रिया जटिल है। इसके लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष अंतिम रिपोर्ट या क्लोजर रिपोर्ट दाखिल करनी होती है और मजिस्ट्रेट के पास उसे स्वीकार या अस्वीकार करने का अधिकार होता है। ऐसे में केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि वह संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल करके मामलों को समाप्त करने का रास्ता साफ करे।
गंभीर अपराधों के मामलों को रखा जाएगा अलग
पिछली सुनवाई में सॉलिसिटर जनरल ने कहा था कि हत्या, दुष्कर्म और अपहरण जैसे गंभीर अपराधों के 2,873 आरोपियों को छोड़कर बाकी छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द की जा सकती हैं। केंद्र की ओर से यह भी कहा गया था कि प्रदर्शन में शामिल असामाजिक तत्वों की भूमिका की अलग से जांच की जानी चाहिए।
5 सितंबर के प्रदर्शन से पहले बड़ा कदम
केंद्र सरकार का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से 5 सितंबर को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। पार्टी का आरोप है कि जुलाई में पेपर लीक के खिलाफ हुए देशव्यापी छात्र प्रदर्शन को समाप्त कराने के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक उस पर पूरी तरह अमल नहीं हुआ।बताया गया है कि 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त करने के लिए छात्रों की प्रमुख मांगों में एफआईआर वापस लेना भी शामिल था।
कॉकरोच जनता पार्टी ने दी प्रतिक्रिया
केंद्र के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सामाजिक माध्यम पर डॉ. भीमराव आंबेडकर की किताब के साथ अपनी तस्वीर साझा की। वहीं पार्टी प्रवक्ता सौरभ दास ने भी सामाजिक माध्यम पर काला चश्मा लगाए अपनी तस्वीर साझा की। पार्टी ने खबर का लिंक साझा करते हुए ‘ओके’ लिखा।
18 अगस्त की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने दिया था संकेत
18 अगस्त को हुई सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया था कि वह अनुच्छेद 142 के तहत मिली विशेष शक्ति का इस्तेमाल करके इन एफआईआर को रद्द करने पर विचार कर सकता है। अब केंद्र की ओर से औपचारिक अर्जी दाखिल किए जाने के बाद इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर सभी की नजर है। छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर होने वाली सुनवाई से नीट पेपर लीक आंदोलन से जुड़े हजारों प्रदर्शनकारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
