नई दिल्ली : देशभर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर गुमनाम नायकों को सम्मानित करने की परंपरा के तहत इस वर्ष पद्म श्री पुरस्कारों की घोषणा की गई है। इस सूची में 45 ऐसे लोग शामिल हैं जिन्होंने समाज के हाशिए पर रह रहे वर्गों और जरूरतमंदों की सेवा में अपना जीवन समर्पित किया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, आजीविका, स्वच्छता और सतत विकास के क्षेत्रों में इन लोगों ने अद्वितीय योगदान दिया है।
मुंबई की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आर्मिडा फर्नांडिस भी इस सूची में शामिल हैं। उन्होंने एशिया का पहला मानव दूध बैंक स्थापित किया, जिससे शिशुओं के जीवित रहने की संभावना में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उनके योगदान ने हजारों नवजात शिशुओं और उनके परिवारों की जिंदगी में बदलाव लाया है।
इसके अलावा कर्नाटक के अंके गौड़ा, जो कभी बस कंडक्टर थे, ने दुनिया का सबसे बड़ा निशुल्क पुस्तकालय ‘पुस्तक माने’ स्थापित किया। इसमें 20 भाषाओं में 20 लाख से अधिक पुस्तकें और दुर्लभ पांडुलिपियां शामिल हैं। उनके प्रयास से पूरे भारत में छात्रों और शिक्षार्थियों को ज्ञान और शिक्षा का सशक्त माध्यम मिला।
सूची में मैसूरु के हरलाहल्ली गांव के 75 वर्षीय पुस्तक प्रेमी, मध्य प्रदेश के भगवदास रायकवार और जम्मू-कश्मीर के बृज लाल भट्ट का भी नाम शामिल है। इन सभी ने महिलाओं, बच्चों, दिव्यांगजनों, दलितों और आदिवासियों के लिए समाज सेवा में अपना समर्पित योगदान दिया है।
इस साल के पद्म पुरस्कार गुमनाम नायकों की श्रेणी में सामाजिक और मानवीय कार्यों को मान्यता देने का प्रयास है। ये पुरस्कार यह संदेश भी देते हैं कि समाज में असंख्य ऐसे लोग हैं, जो चुपचाप, निस्वार्थ भाव से देश और समाज की भलाई के लिए काम कर रहे हैं। इस तरह के प्रयास राष्ट्र की प्रगति और सामाजिक सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
