मुफ्ती सलीम नूरी बोले -मदरसा छात्र मजहब के साथ संविधान और राष्ट्र से भी मोहब्बत रखते हैं”
बरेली : गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर दरगाह आला हज़रत से संबद्ध मदरसा मंजरे इस्लाम, सौदागारान में राष्ट्रप्रेम और संवैधानिक मूल्यों को लेकर एक भव्य इनामी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम दरगाह प्रमुख मौलाना सुब्हान रज़ा खां (सुब्हानी मियां) की सरपरस्ती, सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की अध्यक्षता तथा मदरसा के प्रधानाचार्य मुफ्ती मोहम्मद आकिल रजवी की निगरानी में संपन्न हुआ।प्रतियोगिता में मदरसा छात्रों को दो महत्वपूर्ण और विचारोत्तेजक विषय दिए गए। “संविधान के अनुरूप मदरसा छात्रों का जीवनयापन आवश्यक है”
मदरसा छात्र और राष्ट्रप्रेम की भावना
इन दोनों विषयों पर 300 से अधिक छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, और अपने विचार प्रस्तुत किए।मदरसों का इतिहास राष्ट्रभक्ति से जुड़ा रहा है। मुफ्ती सलीम बरेलवी कार्यक्रम के समापन अवसर पर मदरसा के वरिष्ठ शिक्षक मुफ्ती मुहम्मद सलीम बरेलवी ने कहा कि हिंदुस्तान के मदरसों का इतिहास इस बात का साक्षी है कि यहां से शिक्षा प्राप्त करने वालों ने हमेशा मजहब व मसलक की मोहब्बत के साथ-साथ अपने देश और संविधान से भी गहरी निष्ठा रखी है। मदरसों ने मुस्लिम समाज में राष्ट्रप्रेम की भावना को मजबूत करने का निरंतर कार्य किया है।
संविधान का पालन हम सब की जिम्मेदारी : डॉ. एजाज अंजुम
मदरसा के वरिष्ठ शिक्षक डॉ. एजाज अंजुम ने अपने संबोधन में कहा कि हमें अपने मजहब व मसलक के उसूलों पर अमल करते हुए भारतीय संविधान का पूरी ईमानदारी से पालन करना चाहिए। क्योंकि, संविधान ही देश की एकता और अखंडता की बुनियाद है। मुफ्ती मुहम्मद अख्तर ने कहा कि मदरसा छात्रों की राष्ट्रीय जिम्मेदारी है कि वे समाज के बच्चों और नौजवानों के भीतर राष्ट्रप्रेम की जोत जलाएं और उन्हें सकारात्मक दिशा दें। कारी अब्दुर्रहमान क़ादरी ने कहा कि मदरसों को देश में अमन, शांति और आपसी भाईचारे को बढ़ावा देना चाहिए और बदअमनी फैलाने वालों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए
26 जनवरी को तिरंगा लहराने से लेकर तिरंगा रैली तक कार्यक्रम तय
दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि 26 जनवरी को निर्धारित समय पर मदरसा परिसर में ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रतियोगिता के विजेता छात्रों को उपहार वितरण किया जाएगा। इसके बाद मदरसा छात्रों द्वारा तिरंगा रैली भी निकाली जाएगी। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि मदरसा शिक्षा राष्ट्रविरोध नहीं, बल्कि संविधान और देशभक्ति की मजबूत नींव है।
