बदायूं के रामा हॉस्पिटल में होमगार्ड की मौत, इलाज में लापरवाही के आरोपों से उठे गंभीर सवाल
पथरी के ऑपरेशन के बाद इलाज के दौरान होमगार्ड जगदीश चंद्र की मौत, परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप; पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
बदायूं: बदायूं के सिविल लाइंस थाना क्षेत्र स्थित रामा हॉस्पिटल में इलाज के दौरान एक होमगार्ड की मौत के बाद हड़कंप मच गया। मृतक होमगार्ड जगदीश चंद्र को पथरी की समस्या के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के मुताबिक, अस्पताल में उनका ऑपरेशन किया गया था और इसके बाद उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान हालत बिगड़ने पर उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मामले की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
इलाज में लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद होमगार्ड को पर्याप्त चिकित्सकीय निगरानी नहीं मिली। उनका कहना है कि मरीज की हालत बिगड़ने के बावजूद समय पर उचित उपचार नहीं दिया गया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से पूरे इलाज की जानकारी और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।
10 से 12 दिनों में तीसरी मौत का दावा
परिजनों ने रामा हॉस्पिटल की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका दावा है कि पिछले 10 से 12 दिनों के भीतर अस्पताल में यह तीसरी मौत है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर मनमानी और इलाज में लापरवाही के आरोप लगाए हैं। हालांकि, अस्पताल में लगातार मौतों और इलाज में लापरवाही के इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पुलिस से सांठगांठ के भी आरोप
परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और पुलिस के बीच कथित सांठगांठ के भी आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शिकायत करने के बावजूद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं होती और कई मामलों में पीड़ित पक्ष पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया जाता है। हालांकि, पुलिस और अस्पताल प्रबंधन के बीच सांठगांठ के आरोपों की स्वतंत्र या आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगी मौत की वजह
होमगार्ड की मौत के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। अस्पताल प्रबंधन और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई
मामले में सबसे बड़ा सवाल इलाज में लापरवाही को लेकर है। क्या ऑपरेशन के बाद मरीज की पर्याप्त निगरानी की गई थी? क्या समय पर उचित चिकित्सकीय उपचार मिला? इन सभी सवालों के जवाब जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।
