महोबा में जेन अल्फा का अनोखा प्रदर्शन, सैकड़ों बच्चों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मांगी पक्की सड़क
बदहाल रास्तों से परेशान बच्चों ने जिलाधिकारी को सौंपा शिकायती पत्र, बीएसए राहुल मिश्रा बच्चों के साथ गांव पहुंचे और खुद देखी सड़क की हालत
महोबा: उत्तर प्रदेश के महोबा में जेन अल्फा पीढ़ी के बच्चों ने अपने अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं को लेकर प्रशासन के सामने आवाज उठाई। सोमवार को सैकड़ों बच्चे ग्रामीणों और महिलाओं के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे और गांव की बदहाल सड़कों को लेकर प्रदर्शन किया। बच्चों ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपकर जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की। बच्चों ने बताया कि बारिश के दौरान गांव तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल जाता है। इससे स्कूल आने-जाने वाले बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को भी परेशानी उठानी पड़ती है।
गांव तक पहुंचने के लिए नहीं है पक्की सड़क
बच्चों के मुताबिक, इलाहीपुरा ग्योड़ी गांव खन्ना मुख्य मार्ग से करीब ५०० मीटर अंदर स्थित है। गांव तक पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है और ग्रामीणों को कच्ची पगडंडी से होकर गुजरना पड़ता है। बारिश के मौसम में इस रास्ते पर जलभराव और कीचड़ हो जाता है। बच्चों को इसी रास्ते से होकर स्कूल जाना पड़ता है। कई बार बच्चे रास्ते में फिसलकर गिर जाते हैं, जिससे उनके कपड़े, जूते और स्कूल बैग खराब हो जाते हैं।
बीमार और गर्भवती महिलाओं को भी होती है परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की बदहाली केवल बच्चों की समस्या नहीं है। बीमार लोगों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को भी गांव से मुख्य मार्ग तक पहुंचने में काफी परेशानी होती है।ग्रामीणों के मुताबिक, आपात स्थिति में १०२ और १०८ एंबुलेंस सहित अन्य वाहन भी गांव तक पहुंचने में दिक्कत का सामना करते हैं। गंभीर मरीजों और प्रसूताओं को कई बार चारपाई के सहारे दलदली रास्ता पार कर मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है।
दिसरापुर बिलवई में भी रास्ते की हालत खराब
ग्रामीणों ने ग्राम दिसरापुर बिलवई में हजरत इब्राहिम शहीद दरगाह से रेलवे पटरी तक जाने वाले मार्ग की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी। ग्रामीणों के अनुसार, यहां भी पक्की सड़क या खड़ंजा नहीं है। बारिश के बाद यह रास्ता घुटनों तक कीचड़, मलबे और दलदल में तब्दील हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते की खराब स्थिति के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और कई अभिभावक उन्हें स्कूल भेजने से भी डरते हैं।
बीएसए बच्चों के साथ गांव पहुंचे
कलेक्ट्रेट पहुंचकर बच्चों और ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से दोनों गांवों की सड़कों का स्थलीय निरीक्षण कराने और जल्द पक्की सड़क बनवाने की मांग की। मामले की जानकारी मिलते ही जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राहुल मिश्रा ने बच्चों की शिकायत को गंभीरता से लिया। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे उनके साथ गांव चलें और सड़क की वास्तविक स्थिति दिखाएं। इसके बाद बीएसए स्वयं बच्चों के साथ गांव की ओर निकल गए।
बच्चों की शिकायत पर प्रशासन ने लिया संज्ञान
बच्चों का कहना है कि सड़क जैसी बुनियादी सुविधा नहीं होने से उनके दैनिक जीवन के साथ पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। वहीं प्रशासन की ओर से सड़क की स्थिति का निरीक्षण कर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया गया है। अब ग्रामीणों और बच्चों को उम्मीद है कि उनकी शिकायत के बाद बदहाल रास्तों का स्थायी समाधान होगा और गांव तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाएगा।
