प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर अचानक धंसी सड़क, गहरा गड्ढा दिखने से मची खलबली; टला बड़ा हादसा
नवाबगंज के बरई का पुरवा के पास भोर में धंसा हाईवे, सड़क के नीचे बना था गहरा गड्ढा; छह घंटे बाद पहुंचे एनएच अधिकारी
प्रयागराज: प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर सोमवार की भोर उस समय खलबली मच गई, जब नवाबगंज क्षेत्र के बरई का पुरवा के पास अचानक सड़क का एक हिस्सा धंस गया। सड़क के नीचे गहरा गड्ढा होने के कारण हाईवे का हिस्सा भरभराकर नीचे बैठ गया। गनीमत रही कि जिस समय सड़क धंसी, वहां से कोई बाइक सवार या चार पहिया वाहन नहीं गुजर रहा था। इससे बड़ा हादसा होने से टल गया।
सड़क धंसने के बाद दिखाई देने लगा गहरा गड्ढा
सोमवार की सुबह सड़क धंसने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई। सड़क के बीचों-बीच गहरा गड्ढा दिखाई देने लगा, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया। स्थानीय लोगों ने मौके पर सतर्कता बरतते हुए अन्य राहगीरों को सावधान किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क धंसने के समय कोई तेज रफ्तार वाहन वहां से गुजर रहा होता तो वह सीधे गहरे गड्ढे में गिर सकता था। ऐसे में बड़ा हादसा होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
बारिश के बाद धंसी सड़क
स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण सड़क के नीचे मौजूद गहरे गड्ढे में पानी पहुंच गया। इससे जमीन के भीतर की मिट्टी खिसकने लगी और सोमवार की भोर सड़क का हिस्सा अचानक धंस गया। सड़क धंसने के बाद मौके पर स्थिति देखकर स्थानीय लोगों में विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी देखने को मिली।
फोरलेन निर्माण के दौरान लापरवाही का आरोप
बताया जा रहा है कि करीब एक वर्ष पहले लखनऊ से प्रयागराज तक राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या ३० को चार लेन में बदलने का काम कराया गया था। महाकुंभ को देखते हुए निर्माण कार्य में तेजी लाई गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि नवाबगंज क्षेत्र में बरई का पुरवा के पास जमीन के नीचे मौजूद गहरे गड्ढे को पूरी तरह भरकर सुरक्षित तरीके से बंद नहीं किया गया। आरोप है कि इसके ऊपर अस्थायी डामर डालकर सड़क बना दी गई। लगातार बारिश के बाद पानी जमीन के भीतर पहुंचा और मिट्टी खिसकने से सड़क धंस गई।
छह घंटे बाद मौके पर पहुंचे एनएच के अधिकारी
सड़क धंसने की जानकारी मिलने के करीब छह घंटे बाद राष्ट्रीय राजमार्ग के परियोजना प्रबंधक मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सड़क की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारी ने जल्द ही सड़क की मरम्मत कराने का आश्वासन दिया। फिलहाल सड़क के नीचे बने गड्ढे के कारण हादसे की आशंका बनी हुई है और लोगों में निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों ने सड़क की केवल ऊपरी सतह की मरम्मत करने के बजाय नीचे बने गड्ढे को सुरक्षित तरीके से भरकर स्थायी समाधान किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समस्या का सही तरीके से समाधान नहीं किया गया तो बारिश के दौरान दोबारा सड़क धंसने का खतरा बना रहेगा।
