करीब दो महीने चली चयन प्रक्रिया के बाद रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मिली जिम्मेदारी, अब उनके नेतृत्व में संचालित होंगी राम मंदिर की तमाम व्यवस्थाएं
अयोध्या: उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राम मंदिर ट्रस्ट ने एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी नियुक्त किया है। अब मंदिर की तमाम व्यवस्थाओं और गतिविधियों के संचालन की जिम्मेदारी मुख्य कार्यपालक अधिकारी के नेतृत्व में होगी। ट्रस्ट के सचिव के निर्देश पर वह मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं की निगरानी और संचालन करेंगे। दरअसल, राम जन्मभूमि मंदिर में दान की राशि और सामग्री में चोरी का मामला सामने आने के बाद मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठे थे। इससे श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई थी। इसके बाद ट्रस्ट ने व्यवस्थाओं को और मजबूत करने के लिए मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति का निर्णय लिया।
करीब दो महीने चली नियुक्ति की प्रक्रिया
मुख्य कार्यपालक अधिकारी की नियुक्ति को लेकर करीब दो महीने तक प्रक्रिया चली। इसके बाद एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया। जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के सेवानिवृत्त एयर मार्शल हैं। वह पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख के पद पर रह चुके हैं। इसी पद से वह 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त हुए थे। सैन्य सेवा से सेवानिवृत्ति के कुछ महीने बाद अब उन्हें राम मंदिर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी मिली है।
कौन हैं एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा?
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा वर्ष 1986 में भारतीय वायुसेना में कमीशन हुए थे। अपने सैन्य करियर के दौरान वह लड़ाकू विमान पायलट और परीक्षण पायलट के रूप में सेवाएं दे चुके हैं। उनके पास तीन हजार से अधिक घंटे की उड़ान का अनुभव बताया जाता है। उन्होंने 38 वर्ष से अधिक समय तक सैन्य सेवा की। वह पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र हैं। सैन्य सेवा के दौरान उन्हें कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं और विभिन्न सम्मानों से भी सम्मानित किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान रहे चर्चा में
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी चर्चा में रहे थे। उस समय वह पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख के पद पर थे और अभियान के दौरान महत्वपूर्ण सैन्य जिम्मेदारी संभाल रहे थे। ऑपरेशन सिंदूर में उनकी भूमिका और सैन्य सेवा के लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा पदक से सम्मानित किया गया। इसके अलावा उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक और विशिष्ट सेवा पदक भी मिल चुका है।
38 साल की सैन्य सेवा के बाद नई जिम्मेदारी
जितेंद्र मिश्रा ने अपने सैन्य करियर में देश की वायु सीमाओं की सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। लड़ाकू और परीक्षण पायलट के रूप में अनुभव के साथ उन्होंने वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के तौर पर भी काम किया। 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त होने के बाद अब उन्हें अयोध्या स्थित राम मंदिर की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ट्रस्ट को उम्मीद है कि उनके प्रशासनिक और सैन्य अनुभव से मंदिर की व्यवस्थाओं को और व्यवस्थित किया जा सकेगा।
देवरिया से है जितेंद्र मिश्रा का नाता
एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भोपथपुरा गांव के रहने वाले बताए जाते हैं। उनका संबंध एक मध्यमवर्गीय परिवार से है। उनके पिता व्याख्याता थे। देश के आसमान और सीमाओं की रक्षा करने के बाद अब जितेंद्र मिश्रा के सामने अयोध्या के राम मंदिर की व्यवस्थाओं को संभालने की नई जिम्मेदारी है। मुख्य कार्यपालक अधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति को मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
