नई दिल्ली/बर्लिन : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी पर भारतीय संविधान की मूल भावना को खत्म करने की साजिश रचने का गंभीर आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने कहा कि बीजेपी उस विचार को कमजोर करना चाहती है, जो देश के हर नागरिक को समान अधिकार, समान सम्मान और समान अवसर देता है। कांग्रेस पार्टी ने सोमवार रात जर्मनी दौरे के दौरान राहुल गांधी की बातचीत का करीब एक घंटे का वीडियो जारी किया, जिसमें उन्होंने बीजेपी, संस्थाओं, चुनाव प्रक्रिया और देश की अर्थव्यवस्था को लेकर कई अहम बातें कही हैं।
राहुल गांधी 17 से 19 दिसंबर के बीच जर्मनी के दौरे पर थे। इस दौरान 18 दिसंबर को उन्होंने बर्लिन स्थित प्रतिष्ठित हर्टी स्कूल में छात्रों और शिक्षाविदों को संबोधित किया था। इसी बातचीत में राहुल ने कहा कि बीजेपी राज्यों की समानता, भाषाओं की समानता और धर्मों की समानता जैसे संवैधानिक मूल्यों को खत्म करने की बात कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने देश की लगभग सभी प्रमुख संस्थाओं पर कब्जा कर लिया है।
राहुल गांधी ने कहा कि आज देश की लोकतांत्रिक संस्थाएं स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर पा रही हैं। CBI और ED जैसी जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के तौर पर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये एजेंसियां केवल विपक्षी नेताओं के खिलाफ कार्रवाई करती हैं, जबकि बीजेपी नेताओं के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं होता। राहुल ने कहा, “हम सिर्फ बीजेपी से नहीं लड़ रहे, बल्कि उस पूरे संस्थागत ढांचे से लड़ रहे हैं, जिस पर बीजेपी ने कब्जा कर लिया है।”
चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि हाल के कई चुनाव निष्पक्ष नहीं थे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश के चुनाव जीते और हरियाणा का चुनाव भी जीता, इसमें कोई संदेह नहीं है। राहुल ने आरोप लगाया कि हरियाणा की वोटर लिस्ट में एक ब्राजील की महिला का नाम पाया गया, जिसका सबूत उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाया था। जब इस मुद्दे पर चुनाव आयोग से सवाल पूछे गए तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। राहुल ने यह भी कहा कि कांग्रेस को लगता है कि महाराष्ट्र के चुनाव भी निष्पक्ष नहीं थे।
अर्थव्यवस्था और वैश्विक राजनीति पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। पहले भारत को अमेरिका के प्रभुत्व वाली वैश्विक व्यवस्था से लाभ मिला, लेकिन अब अमेरिका की सैन्य, आर्थिक और वित्तीय ताकत को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही अमेरिका के अंदर भी कई समस्याएं हैं। राहुल ने कहा कि एक बड़ी चुनौती यह है कि वैश्विक उत्पादन का बड़ा हिस्सा चीन के हाथ में चला गया है।
राहुल गांधी ने कहा कि भारत जैसे देशों में बड़े पैमाने पर रोजगार केवल सर्विस सेक्टर से पैदा नहीं किए जा सकते। इसके लिए मैन्युफैक्चरिंग और उत्पादन बेहद जरूरी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार ने अडानी और अंबानी जैसे बड़े बिजनेस ग्रुप्स पर अत्यधिक ध्यान देकर इस प्रक्रिया को नुकसान पहुंचाया है। नोटबंदी और GST जैसी नीतियों से छोटे और मध्यम उद्योग तबाह हो गए, जिससे रोजगार सृजन पर बुरा असर पड़ा।
अपने भाषण के अंत में राहुल गांधी ने कहा कि भारत के सामने असल लड़ाई दो दृष्टिकोणों की है। एक दृष्टिकोण मजबूत नेता और केंद्रीकृत सत्ता में विश्वास करता है, जिसे बीजेपी और RSS आगे बढ़ा रहे हैं। दूसरा दृष्टिकोण संवाद, सहमति और विविधता के सम्मान पर आधारित है। राहुल ने कहा कि भारत इतना बड़ा और विविध देश है कि इसका भविष्य किसी एक व्यक्ति द्वारा तय नहीं किया जा सकता। संविधान भारत को राज्यों का संघ मानता है, लेकिन मौजूदा सरकार इस पर चर्चा नहीं करना चाहती।
इससे पहले भी राहुल गांधी हर्टी स्कूल में RSS प्रमुख मोहन भागवत के बयानों की आलोचना कर चुके हैं। राहुल ने कहा था कि संघ प्रमुख शक्ति को सच्चाई से ऊपर रख रहे हैं, और यही विचारधारात्मक अंतर बीजेपी और कांग्रेस के बीच की सबसे बड़ी खाई है।
