नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की एनडीए सरकार पर सरकारी संस्थानों को कमजोर करने और उन्हें निजी हाथों में सौंपने की गंभीर साजिश रचने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह साजिश देश के भविष्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार की नीति सरकारी कंपनियों को पहले घाटे में धकेलना, फिर उनके सरकारी अनुबंधों और संसाधनों को निजी कंपनियों के हवाले करना है। इसका सीधा असर देश के विकास, रोजगार और आम जनता के हितों पर पड़ता है।
उन्होंने भारत इम्यूनोलॉजिकल्स एंड बायोलॉजिकल्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीआईबीसीओएल) के कर्मचारियों से मुलाकात का वीडियो साझा किया। राहुल ने बताया कि कर्मचारियों को महीनों से वेतन नहीं मिला है और वे कर्ज और उधार पर जीवन यापन करने को मजबूर हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि कभी लाभ में रहने वाली बीआईबीसीओएल को 2017 के बाद घाटे में धकेला गया। इसके पीछे उद्देश्य यह था कि टीकों के सरकारी अनुबंध निजी कंपनियों को सौंपे जाएं, जिससे वे महंगे दामों पर वैक्सीन बेचकर भारी मुनाफा कमा सकें।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि जेवर एयरपोर्ट के कारण बुलंदशहर स्थित बीआईबीसीओएल की जमीन की कीमत बढ़ गई है। इसे बंद करके निजी मित्रों को कम कीमत पर देने की योजना बनाई जा रही है। राहुल गांधी ने यह स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की स्थिति सरकार को बताई गई है और जल्द ही वेतन तथा बकाया राशि का भुगतान करने का आश्वासन मिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकारी संस्थानों को खत्म करने की यह योजनाबद्ध प्रक्रिया भारत के भविष्य के लिए हानिकारक है।
