अहमदाबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के बनासकांठा जिले के वाव-थराड क्षेत्र में विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा, ऊर्जा क्षेत्र में प्रगति और देश की वर्तमान परिस्थितियों पर विस्तार से अपने विचार रखे।
अपने संबोधन की शुरुआत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हाल ही में नवरात्रि का पावन पर्व संपन्न हुआ है और यह मां अम्बा की कृपा है कि उन्हें उनके चरणों में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने भगवान महावीर जयंती के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह क्षेत्र जैन तीर्थों की पवित्र भूमि है और यहां की आध्यात्मिक विरासत अत्यंत समृद्ध है।
प्रधानमंत्री ने डीसा एयरबेस का उल्लेख करते हुए इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह एयरबेस अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब स्थित है और इससे देश की पश्चिमी सीमा की सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने यह भी कहा कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तभी इस परियोजना की नींव रखी गई थी और किसानों ने इसके लिए अपनी जमीन दी थी। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व की केंद्र सरकार के कारण इस परियोजना में देरी हुई, लेकिन अब यह परियोजना पूरी हो चुकी है और क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वाव-थराड और बनासकांठा का यह क्षेत्र उनके लिए भावनात्मक रूप से जुड़ा हुआ है और यहां के लोगों का प्रेम वह कभी नहीं भूल सकते। उन्होंने बताया कि आज इस क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार की लगभग 20 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं, जिससे यहां के विकास को नई दिशा मिलेगी और लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।
ऊर्जा क्षेत्र की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात आज सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2010 में मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने सारंगपुर में देश का पहला सोलर पार्क स्थापित करने की पहल की थी, जिसने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में एक नई क्रांति की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि आज गुजरात में बड़े स्तर पर नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाएं संचालित हो रही हैं और खावड़ा जैसे क्षेत्रों में विशाल ऊर्जा पार्क विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में गुजरात नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में विश्व स्तर पर एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।
प्रधानमंत्री ने उत्तर गुजरात के पुराने हालात को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब यह क्षेत्र सूखा और अकाल के लिए जाना जाता था। लोगों को कई किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ता था और जीवन संघर्षपूर्ण था। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से अब स्थिति बदल चुकी है। गांव-गांव तक सड़कों का जाल बिछाया गया है, आधुनिक हाईवे बनाए गए हैं और तेज गति वाली रेल सेवाओं से भी गुजरात को जोड़ा गया है।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने वैश्विक परिस्थितियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछले एक महीने में दुनिया के कई देश युद्ध और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, विशेष रूप से पश्चिम एशिया की स्थिति ने वैश्विक ऊर्जा संकट को जन्म दिया है। इसके बावजूद भारत ने अपनी स्थिरता बनाए रखी है, जो देश की मजबूत विदेश नीति और जनता की एकजुटता का परिणाम है।
प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल इस संकट की घड़ी में भी राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे दल देश में भय और भ्रम का माहौल बना रहे हैं, जिससे राष्ट्रीय एकता कमजोर होती है। उन्होंने कहा कि इस समय देश को एकजुट रहने की जरूरत है और सभी नागरिकों को मिलकर चुनौतियों का सामना करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि जब तक जनता का भरोसा बना रहेगा, तब तक विकास की रफ्तार इसी तरह तेज बनी रहेगी। पंचायत से लेकर संसद तक सरकार विकास कार्यों को मिशन मोड में आगे बढ़ाती रहेगी और देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का प्रयास जारी रहेगा। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रधानमंत्री ने एक बार फिर यह संदेश देने की कोशिश की कि विकास, सुरक्षा और एकता ही देश की प्रगति के मुख्य आधार हैं और इन तीनों पर लगातार काम किया जा रहा है।
