तहसील स्तर पर टीम गठित, अब जमीन की होगी सटीक पहचान, भूमि का होगा सर्वे
बरेली : जिले की वन भूमि को राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने को लेकर प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। जिलाधिकारी (डीएम) अविनाश सिंह की अध्यक्षता में कलैक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। इसमें वन विभाग की जमीनों को रिकॉर्ड में लाने पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सामने आया कि फरीदपुर तहसील के ग्राम खल्लपुर कपूरपुर में करीब 77 हेक्टेयर वन भूमि अभी तक राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं है।तहसीलदार ने बताया कि संबंधित गाटा संख्याओं का विवरण एकत्र किया जा रहा है। इस पर प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए संयुक्त टीम बनाकर जल्द अमलदरामद कराने के निर्देश दिए।
एसडीएम-तहसीलदार समेत टीम गठित, जमीन होगी चिन्हित
अपर जिलाधिकारी प्रशासन ने निर्देश दिए कि तहसील स्तर पर एसडीएम और तहसीलदार, लेखपाल, ग्राम प्रधान, वन विभाग और चकबंदी अधिकारी की संयुक्त टीम बनाई जाए। यह टीम जमीन की पहचान कर उसे राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी करेगी।
चार तहसीलों में भी होगा बड़ा सर्वे, गाटा नंबर की होगी पहचान
बरेली, आंवला, बहेड़ी और फरीदपुर तहसीलों में जमींदारी उन्मूलन एक्ट1952 के तहत वन विभाग को जमीन आवंटित है, लेकिन कई जगह गाटा संख्या दर्ज नहीं है।प्रशासन ने इन सभी तहसीलों में भी समिति गठित कर जमीन का पूरा विवरण तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद तेज हुई कार्रवाई
यह पूरी प्रक्रिया इलाहाबाद हाईकोर्ट, लखनऊ बेंच के आदेश (2017) के अनुपालन में की जा रही है। सरकार के निर्देशों के बाद अब जिले में इस पर तेज कार्रवाई शुरू हो गई है।प्रशासन की इस कार्रवाई से वन भूमि की सुरक्षा मजबूत होगी और भविष्य में अवैध कब्जों पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।
