प्रयागराज में फर्जी अंकपत्र से वकालत का प्रमाण पत्र लेने का आरोप, 39 अधिवक्ताओं पर एफआईआर
बार काउंसिल उत्तर प्रदेश की तहरीर पर कार्रवाई, 105 अधिवक्ताओं के खिलाफ शिकायत; पिछले तीन दिनों में 39 पर दर्ज हुई अलग-अलग एफआईआर
प्रयागराज: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में फर्जी अंकपत्र के आधार पर वकालत का प्रमाण पत्र हासिल करने के आरोप में 39 अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। सिविल लाइंस पुलिस के मुताबिक, पिछले तीन दिनों में 39 अधिवक्ताओं के खिलाफ अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर की जा रही है।
105 अधिवक्ताओं के खिलाफ शिकायत
सिविल लाइंस थाना प्रभारी निरीक्षक रामाश्रय यादव ने बताया कि राज्य विधिज्ञ परिषद के सचिव आरके शुक्ला ने 105 अधिवक्ताओं के खिलाफ तहरीर दी है। आरोप है कि इन अधिवक्ताओं ने कथित तौर पर फर्जी अंकपत्र के आधार पर सीओपी हासिल किया और उसके आधार पर वकालत कर रहे हैं। पुलिस के अनुसार, पिछले तीन दिनों में 39 अधिवक्ताओं के खिलाफ अलग-अलग एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। अगले एक-दो दिनों में बाकी अधिवक्ताओं के खिलाफ भी मुकदमे दर्ज किए जाने की बात कही गई है।
हाईकोर्ट के आदेश का दिया गया हवाला
पुलिस द्वारा सहारनपुर निवासी दीपक कश्यप के खिलाफ दर्ज एफआईआर में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश का हवाला दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मोहम्मद कफील बनाम उत्तर प्रदेश सरकार मामले में 3 जून 2026 को पारित आदेश में बार काउंसिल उत्तर प्रदेश में पंजीकृत ऐसे अधिवक्ताओं के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था, जिनकी डिग्री सत्यापन के दौरान फर्जी पाई गई।
डिग्री सत्यापन में सामने आई गड़बड़ी
तहरीर के मुताबिक, दीपक कश्यप ने सीओपी आवेदन के साथ जो डिग्री और अंकपत्र लगाए थे, उन्हें सत्यापन के लिए राजस्थान के पिलानी स्थित श्रीधर विश्वविद्यालय भेजा गया था। सत्यापन के दौरान विश्वविद्यालय की ओर से कथित तौर पर रिपोर्ट दी गई कि अभिलेखों के अनुसार अंकपत्र की छायाप्रति गलत और असत्य है। इसके बाद पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज की।
धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं में मुकदमा
पुलिस के अनुसार दीपक कश्यप के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3) और 340(2) के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। इन धाराओं में धोखाधड़ी, जाली दस्तावेज तैयार करने और जाली दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने से संबंधित आरोप शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
