पीलीभीत/बरेली: यूपी के पीलीभीत में पिछले 40 दिनों से दहशत का पर्याय बन चुकी बाघिन को आखिरकार गुरुवार शाम वन विभाग की टीम ने ट्रेंकुलाइज कर काबू में कर लिया। पीलीभीत टाइगर रिजर्व (PTR) से निकली इस बाघिन ने तीन इंसानों की जान ले ली थी और न्यूरिया क्षेत्र के 15 गांवों में दहशत फैला दी थी।
जानें कैसे हुआ ऑपरेशन
गुरुवार सुबह डंडिया गांव में बाघिन की मौजूदगी की जानकारी मिलते ही बरेली के वन संरक्षक पीपी सिंह, फील्ड डायरेक्टर, डीएफओ भरत कुमार डीके और ट्रेंकुलाइज एक्सपर्ट्स की टीम मौके पर पहुंची।
ड्रोन से की बाघिन की लोकेशन ट्रेस
बन विभाग की टीम ने 20 से ज्यादा टीमें गांवों में तैनात की थीं। 11 घंटे की नजरबंदी और पीछा करने के बाद शाम 6:30 बजे बाघिन को ट्रेंकुलाइज डार्ट मारकर बेहोश किया गया। इसके बाद रेस्क्यू वाहन से उसे पीटीआर मुख्यालय लाया गया।
बाघिन का गांवों में फैला था आतंक
बाघिन ने 9 जून को मेवातपुर के किसान मुकेश पर हमला कर खेत में जान ले ली। 17 जुलाई को दो घंटे के अंदर दो और हमले किए। इसमें एक महिला की मौत हो गई। इन घटनाओं के बाद 15 गांवों में रोजमर्रा की जिंदगी ठप हो गई थी। बाघिन की हालत की निगरानी डॉक्टरों की टीम द्वारा की जा रही है। वन विभाग के अनुसार, आगे की कार्रवाई PTR के दिशानिर्देशों के तहत की जाएगी।
