पीलीभीत : यूपी के पीलीभीत जिले में भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। आय प्रमाण पत्र बनाने के नाम पर गरीब महिला से रिश्वत मांगने के आरोप में तहसील बीसलपुर में तैनात लेखपाल धर्मपाल को सस्पेंड कर दिया गया है। डीएम ज्ञानेंद्र सिंह के इस सख्त एक्शन के बाद जिलेभर के अधिकारी और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है। डीएम ने साफ कहा है कि गरीब और पीड़ित लोगों को परेशान करने वाले किसी भी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।
गरीब महिला ने डीएम से की थी शिकायत
यह पूरा मामला तहसील बीसलपुर क्षेत्र के गांव बड़ेपुरा का है। यहां की रहने वाली एक महिला ने डीएम को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि लेखपाल धर्मपाल आय प्रमाण पत्र बनाने के लिए उससे 5000 रूपये की रिश्वत मांग रहा है। महिला का कहना था कि पैसे न देने की वजह से उसका प्रमाण पत्र नहीं बनाया जा रहा था। जिसके चलते वह सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं ले पा रही थी।
ग्राम प्रधान और ग्रामीणों ने भी लगाए आरोप

महिला की शिकायत के अलावा ग्राम प्रधान समेत कई ग्रामीणों ने भी लेखपाल धर्मपाल पर लोगों को परेशान करने और काम में लापरवाही बरतने के आरोप लगाए थे। लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने पूरे मामले की जांच बैठा दी।
जांच में आरोप सही पाए गए

प्रशासनिक जांच के दौरान शिकायतों को सही पाया गया। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद डीएम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए लेखपाल धर्मपाल को सस्पेंड कर दिया। प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ा संदेश माना जा रहा है।
डीएम बोले- गरीबों को परेशान किया तो होगी तुरंत कार्रवाई
डीएम ज्ञानेंद्र सिंह ने कहा कि किसी भी गरीब परिवार या जरूरतमंद व्यक्ति को अनावश्यक रूप से परेशान करना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है या काम में लापरवाही करता है तो उसके खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रिपोर्ट:ऋतिक द्विवेदी
