53 फर्जी खातों में ट्रांसफर किए करोड़ों रुपये, मुख्य आरोपी फरार
पीलीभीत : यूपी के पीलीभीत में एक चौंकाने वाला घोटाला सामने आया है। यहां जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय में तैनात एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने सरकारी खजाने में करोड़ों की सेंध लगा दी।आरोपी इल्हाम उर रहमान शम्सी पर आरोप है कि उसने अपनी तीन पत्नियों और कई प्रेमिकाओं के महंगे शौक पूरे करने के लिए करीब 8 करोड़ रुपये से अधिक का गबन किया।
फर्जी आईडी बनाकर किया करोड़ों का खेल
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने ट्रेजरी सिस्टम की जानकारी का फायदा उठाते हुए 53 अलग-अलग खातों में 98 ट्रांजेक्शन के जरिए सरकारी धन ट्रांसफर किया। इसके लिए फर्जी बेनेफिशियरी आईडी बनाई गईं और पैसे को योजनाबद्ध तरीके से निकाला गया।
फ्लैट, जमीन और ऐशो-आराम पर खर्च
गबन की रकम का इस्तेमाल आरोपी ने अपनी पत्नियों और कथित प्रेमिकाओं के लिए महंगे फ्लैट, जमीन खरीदने और लग्जरी जीवनशैली पर किया। पुलिस के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और सरकारी सिस्टम की कमजोरियों का फायदा उठा रहा था।
7 महिलाएं गिरफ्तार, 5.5 करोड़ रुपये फ्रीज
मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 7 महिला सहयोगियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें आरोपी की पत्नियां और अन्य करीबी महिलाएं शामिल हैं। इनके खातों में ट्रांसफर किए गए पैसों में से करीब 5.5 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए गए हैं।
मुख्य आरोपी फरार, जांच जारी
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी इल्हाम शम्सी अभी फरार है और उसकी तलाश जारी है। एएसपी विक्रम दहिया ने बताया कि यह मामला 13 फरवरी को दर्ज मुकदमे के बाद सामने आया और जांच के दौरान बड़ा खुलासा हुआ। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस घोटाले में कुछ और बड़े नाम और अधिकारियों की भूमिका भी सामने आ सकती है।
पुलिस टीम को इनाम
इस बड़े घोटाले का पर्दाफाश करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम और प्रशस्ति पत्र देने की घोषणा की गई है।
