नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा, कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी
बरेली : यूपी के बरेली के मीरगंज तहसील क्षेत्र में किसानों का आक्रोश उस वक्त खुलकर सामने आया, जब भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारी घुटनों के बल चलकर तहसील पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। संपूर्ण समाधान दिवस के मौके पर पहुंचे किसान नेताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मीरगंज को नौ सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए आरोप लगाया कि पूर्व में दिए गए प्रार्थना पत्रों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
घुटनों के बल चलकर जताया विरोध
किसान नेताओं का कहना था कि बार-बार शिकायतों के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है, जिससे किसानों में गहरा असंतोष व्याप्त है। इसी नाराजगी को जताने के लिए उन्होंने घुटनों के बल चलकर तहसील पहुंचकर अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया।
ज्ञापन में उठाए गंभीर मुद्दे
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने अपने ज्ञापन में कई अहम समस्याओं को उठाया। संगठन का आरोप है कि पुलिस की मिलीभगत से बंदी के दौरान भी अवैध देशी शराब की बिक्री जारी है, जिससे युवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है।इसके अलावा ग्राम पंचायत बगरऊ में तालाब पर अवैध कब्जे की शिकायत करने वाले कार्यकर्ता पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दबाव बनाने का आरोप भी लगाया गया।
भूमि, बिजली और खरीद केंद्रों की समस्याएं प्रमुख
किसानों ने ग्राम रहपुरा जागीर में अनुसूचित जाति की भूमि (गाटा संख्या 738) पर अवैध निर्माण का मुद्दा उठाते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही स्मार्ट मीटर हटाने, गेहूं क्रय केंद्रों पर बारदाने के नाम पर किसानों को लौटाए जाने और हल्दी दांद गांव में खेतों के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन हटाने की मांग भी प्रमुख रही।
अधिकारियों की अनुपस्थिति पर फूटा गुस्सा
संपूर्ण समाधान दिवस में कई जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी देखने को मिली। फतेहगंज पश्चिमी और शेरगढ़ के सहायक विकास अधिकारी सहकारिता अनुपस्थित रहे, जिस पर एडीएम (वित्त) ने स्पष्टीकरण तलब किया। वहीं थानों से भी कोई थाना प्रभारी मौजूद नहीं था, केवल उपनिरीक्षक प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे, जिस पर भी प्रशासन ने नाराजगी जाहिर की।
प्रशासन ने दिए कार्रवाई के निर्देश
एसडीएम आलोक ने सभी शिकायतों को संबंधित विभागों को भेजते हुए समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस, आपूर्ति, बिजली, ग्राम विकास और जल निगम से जुड़ी कुल शिकायतें दर्ज की गईं।
बड़े आंदोलन की चेतावनी
भाकियू (टिकैत) के पदाधिकारियों चौधरी सुधीर बालियान, मदन लाल गंगवार, विशाल पाल और सोमवीर सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। यह विरोध प्रदर्शन साफ संकेत देता है कि ग्रामीण इलाकों में बुनियादी समस्याएं अभी भी जमीनी स्तर पर बनी हुई हैं, और समय रहते समाधान न होने पर यह असंतोष बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है।
