कर वसूली के नाम पर प्रताड़ना, मारपीट और आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप; परिजनों ने गिरफ्तारी की उठाई मांग
पीलीभीत: बीसलपुर नगरपालिका परिषद के कर्मचारी उपेंद्र शर्मा की आत्महत्या के मामले में बड़ा कानूनी एक्शन हुआ है। पुलिस ने मृतक के भाई की तहरीर पर नगरपालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि अमन जायसवाल उर्फ निक्की, अधिशासी अधिकारी शमशेर सिंह समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। मामला दर्ज होने के बाद नगरपालिका में हड़कंप मच गया है।
मृतक के भाई अनुराग शर्मा ने कोतवाली बीसलपुर में दर्ज कराई गई तहरीर में आरोप लगाया कि उनके भाई उपेंद्र शर्मा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे, लेकिन उनसे जबरन कर वसूली का काम कराया गया। आरोप है कि बाद में उन्हीं पर गबन का मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
परिजनों का आरोप है कि उपेंद्र शर्मा से दबाव बनाकर 23 लाख रुपये जमा कराए गए। जेल से रिहा होने के बाद भी उनसे दोबारा पैसों की मांग की गई। विरोध करने पर उन्हें लगातार धमकाया गया, प्रताड़ित किया गया और अपमानित किया गया।
परिजनों के अनुसार, 13 जुलाई 2026 को उपेंद्र शर्मा ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने अध्यक्ष प्रतिनिधि अमन जायसवाल, ईओ शमशेर सिंह, अकरम खान, यासीन मोहम्मद और संजीव मिश्रा को अपनी मौत के लिए जिम्मेदार बताया है।
पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं मृतक के परिजन आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।