पूरनपुर के हजारा और नहरोसा में तीन जगह कटान तेज, किसानों की तैयार गन्ने की फसल नदी में समाई; धनाराघाट में गर्डर पर भी खतरा
पीलीभीत: पूरनपुर तहसील क्षेत्र में शारदा नदी का जलस्तर बढ़ने और तेज बहाव ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। हजारा और नहरोसा गांव में नदी ने एक बार फिर किसानों की जमीनों का कटान शुरू कर दिया है। नदी का पानी आबादी के करीब पहुंचने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। कई किसानों की गन्ने समेत अन्य फसलें नदी की चपेट में आ रही हैं। वहीं धनाराघाट में सेतु निगम के गर्डर पर भी खतरा बढ़ गया है। एक गर्डर पहले ही पानी में समा चुका है, जबकि दूसरा भी नदी के मुहाने तक पहुंच गया है।
नहरोसा में फिर शुरू हुआ जमीन का कटान
बारिश थमने के बाद नहरोसा गांव में शारदा नदी का कटान कुछ समय के लिए शांत था। लेकिन बीच-बीच में हुई बारिश के बाद नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव के चलते कटान फिर तेज हो गया। नदी ने गांव के मोहम्मद राशिद और रऊफ के गन्ने के खेतों को अपनी चपेट में ले लिया है। ग्रामीणों के मुताबिक, दो दिनों में करीब एक एकड़ गन्ने की फसल नदी में समा चुकी है और कटान लगातार जारी है। तैयार फसल को नदी में समाते देखकर किसान परेशान हैं। किसानों को आशंका है कि अगर कटान इसी तरह जारी रहा तो आने वाले दिनों में और जमीन और फसल नदी में समा सकती है।
हजारा में सैकड़ों एकड़ जमीन पहले ही नदी में समा चुकी
हजारा गांव में भी शारदा नदी का कटान फिर शुरू हो गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, यहां पहले ही सैकड़ों एकड़ जमीन नदी की भेंट चढ़ चुकी है। अब देवनरायन, राधेश्याम, सुखदेव सिंह और पुनीत समेत कई किसानों के खेतों में खड़ी गन्ने और अन्य फसलें नदी की चपेट में आ रही हैं। किसानों का कहना है कि उनकी कई एकड़ जमीन पहले भी नदी निगल चुकी है। लगातार जमीन कटने के कारण कई किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ किसान भूमिहीन होने के कगार पर पहुंच गए हैं, जबकि कई परिवार अपनी जमीन गंवा चुके हैं।
घर से करीब 50 मीटर दूर पहुंचा पानी
नदी के लगातार कटान और बढ़ते जलस्तर से आबादी पर भी खतरा मंडरा रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक, पानी अब घरों से करीब 50 मीटर की दूरी तक पहुंच गया है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर चिंता है कि अगर नदी का जलस्तर और बढ़ा या कटान इसी रफ्तार से जारी रहा तो पानी आबादी में प्रवेश कर सकता है।
धनाराघाट में गर्डर पर मंडरा रहा खतरा
धनाराघाट में भी शारदा नदी का प्रकोप जारी है। नदी के तेज बहाव और कटान की वजह से कार्यदायी संस्था की ओर से बनाया गया एक और गर्डर नदी की चपेट में आ गया है। एक गर्डर पहले ही पानी में समा चुका है, जबकि दूसरा भी नदी के मुहाने पर पहुंच गया है। अगर कटान नहीं रुका तो अन्य गर्डरों के भी नदी में समाने का खतरा बना हुआ है।
कटान रोकने में जुटे मजदूर, नहीं मिल रही राहत
नदी के कटान को रोकने के लिए कार्यदायी संस्था के मजदूर मौके पर जुटे हुए हैं। कटान रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन नदी के तेज बहाव के कारण फिलहाल राहत नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन और संबंधित विभाग तत्काल प्रभावी कदम उठाएं, ताकि उनकी जमीन और फसल को बचाया जा सके। लगातार कटान के बीच किसानों को अब अपनी आजीविका और जमीन दोनों के नुकसान की चिंता सता रही है।
किसानों के सामने बढ़ा आर्थिक संकट
शारदा नदी का कटान किसानों के लिए सिर्फ फसल का नुकसान नहीं, बल्कि जमीन के स्थायी नुकसान का भी खतरा बन गया है। पहले जमीन गंवा चुके कई किसान अब दोबारा कटान शुरू होने से परेशान हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि नदी का कटान जल्द नहीं रोका गया तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं और बड़ी संख्या में किसान अपनी जमीन से हाथ धो सकते हैं।
