पटना/लखनऊ : लोकसभा चुनाव 2024 के बाद अब बिहार में 2025 के विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर बड़ा सियासी टकराव देखने को मिल रहा है। विपक्षी INDIA गठबंधन ने चुनाव आयोग के इस अभियान को लोकतंत्र पर हमला करार देते हुए मोर्चा खोल दिया है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऐलान किया कि 9 अप्रैल को पूरे बिहार में चक्का जाम किया जाएगा।
“गरीबों-दलितों को मताधिकार से वंचित करने की साजिश”
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग भाजपा के इशारे पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि “गरीब, वंचित, दलित, पिछड़े और मुस्लिम वर्ग के मतदाताओं के नाम जानबूझकर हटाए जा रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया एक राजनीतिक षड्यंत्र है, ताकि भाजपा को चुनावी फायदा मिल सके।”
सवालों के घेरे में चुनाव आयोग के दस्तावेजी नियम
तेजस्वी ने सवाल उठाया कि चुनाव आयोग ने सिर्फ 11 दस्तावेजों को ही मान्यता क्यों दी है?। क्या यह संविधान सम्मत है?। “क्या ECI के पास यह अधिकार है कि वह सिर्फ उन्हीं दस्तावेजों को मान्य माने और बाकी को नकार दे?”। उन्होंने आयोग की प्रक्रिया को ‘कंफ्यूजिंग और भेदभावपूर्ण’ बताया।
BLO और शिक्षकों पर बढ़ता दबाव
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बीएलओ का काम कर रहे शिक्षक बेहद परेशान हैं। “उन्हें स्कूल छोड़कर घर-घर भेजा जा रहा है। डीएम ऑफिस से लगातार दबाव बनाया जा रहा है। आखिर वो बच्चों को पढ़ाएं या मतदाता सूची सुधारें?”। उन्होंने यह भी पूछा कि BLO के साथ लगाए गए “4 स्वयंसेवकों (वॉलंटियर्स)” का चयन किस आधार पर हुआ है?। क्या वे सरकारी कर्मचारी हैं?। क्यों न उनकी सार्वजनिक सूची जारी की जाए?।
चक्का जाम की चेतावनी
INDIA गठबंधन ने यह साफ कर दिया है कि 9 अप्रैल को पूरे बिहार में जिला स्तर पर चक्का जाम किया जाएगा। तेजस्वी ने कहा कि यह सिर्फ प्रदर्शन नहीं, बल्कि “संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का जनआंदोलन है।”उन्होंने दावा किया कि इस आंदोलन में राहुल गांधी भी शामिल होंगे।
