लखनऊ : अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जूपिटर हॉल में आयोजित ‘पिंक रोजगार महाकुंभ’ का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम के माध्यम से प्रदेश की हजारों महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘रोजगार संगम पोर्टल’ के मोबाइल एप को भी लॉन्च किया और 94 नव-नियुक्त मुख्य सेविकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए।
पांच हजार महिलाओं को रोजगार के अवसर
इस महाकुंभ में पांच हजार से अधिक महिलाओं को रोजगार के अवसर प्रदान किए गए। इसके साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला कर्मियों और मेधावी छात्राओं को सम्मानित करते हुए ‘नारी शक्ति अवार्ड’ भी प्रदान किया गया। कार्यक्रम के दौरान कन्या सुमंगला योजना की लाभार्थी बालिकाओं को चेक वितरित किए गए। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के बीमा प्रीमियम और साड़ी/वर्दी के लिए 3,849 लाख रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में भेजी गई।
महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार का दावा
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा की स्थिति अच्छी नहीं थी। उस समय छेड़छाड़ और शोहदों के डर से कई बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो जाती थीं। लेकिन आज उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा कि अगर कोई महिला या बेटी के साथ छेड़छाड़ करता है, तो कानून तुरंत कार्रवाई करता है।
कामकाजी महिलाओं के लिए बन रहे हॉस्टल
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार कामकाजी महिलाओं की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न शहरों में 500-500 बेड के हॉस्टल का निर्माण करा रही है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश में स्टार्टअप संस्कृति को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में इस समय 20 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं, जिनमें आधे से ज्यादा महिलाओं द्वारा संचालित किए जा रहे हैं।
बेटा-बेटी में भेदभाव नहीं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज में बेटा-बेटी के बीच भेदभाव की सोच को खत्म करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में गांव की बेटी को पूरे गांव की बेटी माना जाता है। इसलिए उसे सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जब नारी सुरक्षित और सम्मानित होती है, तभी समाज भी मजबूत और सुरक्षित बनता है।
शिक्षा और सुविधाओं में आया बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 में जब उन्होंने प्रदेश की जिम्मेदारी संभाली थी, उस समय बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में लगभग 60 प्रतिशत बेटियां नंगे पैर स्कूल जाने को मजबूर थीं। लेकिन अब स्थिति बदल चुकी है और लगभग 98 से 99 प्रतिशत बेटियां जूते-मोजे या चप्पल पहनकर स्कूल जाती हैं। इससे साफ है कि प्रदेश में शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं में सुधार हुआ है।
प्रधानमंत्री के 5T विजन का जिक्र
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 5T विजन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि परंपरा (Tradition), तकनीक (Technology), पारदर्शिता (Transparency) और विश्वास (Trust) के समन्वय से परिवर्तन (Transformation) का मार्ग प्रशस्त होता है। उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को अवसर मिलता है, तो वे हर क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करती हैं।
बेटियों के लिए चलाई जा रही योजनाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कई योजनाएं महिलाओं और बेटियों के सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही हैं। ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’, मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जैसी योजनाओं से लाखों परिवारों को लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के माध्यम से अब तक चार लाख से अधिक बेटियों के विवाह संपन्न कराए जा चुके हैं। इस योजना के तहत राज्य सरकार एक बेटी के विवाह के लिए एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है।
महिलाओं के सशक्तिकरण पर जोर
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं बल्कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त बनेंगी, तभी समाज और देश भी तेजी से विकास के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
