27 जुलाई 2015, यह वह दिन था, जब भारत ने अपने सबसे विनम्र और महान वैज्ञानिक – राष्ट्रपति को खो दिया। डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम सिर्फ भारत के मिसाइल मैन नहीं थे, वे हर उस युवा की उम्मीद थे, जो सपने देखता है, और उन्हें सच करने की हिम्मत रखता है। डॉ. कलाम एक वैज्ञानिक के बजाय विचार थे। उन्होंने एक वैज्ञानिक के तौर पर ISRO और DRDO में भारत को मिसाइल शक्ति दी। फिर बतौर राष्ट्रपति, उन्होंने सत्ता को जनता से जोड़ा। उनकी आत्मकथा ‘Wings of Fire’ और ‘Ignited Minds’ आज भी लाखों युवाओं की प्रेरणा हैं।
शिलांग में लेक्चर के दौरान हार्ट अटैक से निधन
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डॉ. कलाम ने काफी किताब लिखीं हैं। उनकी हर किताब युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत है। मगर, उनकी लिखी किताब “Missile Man of India” अग्नि, पृथ्वी, त्रिशूल, आकाश, नाग जैसी मिसाइल परियोजनाओं में नेतृत्व। “India’s 11th President” (2002-2007) बिना किसी राजनीतिक पृष्ठभूमि के, जनप्रिय राष्ट्रपति, “Author of 20+ Books-Wings of Fire, Ignited Minds, Turning Points, India 2020”, और “Padma Bhushan (1981), Padma Vibhushan (1990), Bharat Ratna (1997) भारत का सर्वोच्च सम्मान है। इसके साथ ही उनके दुनिया से जाने के बाद “Died While Serving” शिलांग में लेक्चर के दौरान हार्ट अटैक से निधन पर लिखी गई।
एक सवाल जो कलाम आज भी पूछते हैं
हम उनके भारत का सपना पूरा करने पर काम नहीं कर रहे हैं। Vision 2020 में कलाम ने एक ऐसे भारत की कल्पना की थी जो, आत्मनिर्भर हो, वैज्ञानिक सोच को अपनाए, भ्रष्टाचार मुक्त हो, तकनीकी रूप से अग्रणी हो, युवाओं के सपनों को उड़ान दे। मगर, ऐसा नहीं है। हालांकि, आज Startup India, Digital India, Make in India, और Chandrayaan-3 जैसी पहलें उनके सपने को साकार करने की ओर उठाए गए कदम हैं। डॉक्टर कलाम कहते थे “अगर तुम असफल हो रहे हो, तो इसका मतलब है कि तुम प्रयास कर रहे हो।”क्या आज का युवा असफलता से डरता है, या उसे गले लगाकर आगे बढ़ रहा है। क्या शिक्षक ज्ञान बांटने से ज़्यादा प्रेरणा दे रहे हैं। क्या नेता पद के पीछे नहीं, कर्तव्य के पीछे भाग रहे हैं।
उनको याद करना विचारों की मशाल जलाए रखना
डॉ. कलाम को याद करना केवल एक श्रद्धांजलि नहीं है, यह विचारों की मशाल को जलाए रखना है। उनकी पुण्यतिथि पर यह संकल्प लेना ज़रूरी है कि हम भी अपने जीवन को ऐसा बनाएँ, जो केवल हमारा न हो, बल्कि पूरे देश का हो।
