किसानों से C2+50% के नाम पर धोखा बंद करे केंद्र सरकार: किसान संघर्ष समिति
एजेंसी
नई दिल्ली : किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के नाम पर गुमराह करने के आरोप में किसान संघर्ष समिति ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. सुनीलम ने आरोप लगाया है कि सरकार बार-बार C2+50% फॉर्मूले पर MSP देने का झूठा दावा कर रही है, जबकि वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है।
क्या है C2+50% और क्यों है किसानों का गुस्सा?
केंद्र सरकार बार-बार यह दावा करती रही है कि वह स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप C2+50% के फार्मूले पर MSP दे रही है। लेकिन डॉ. सुनीलम का कहना है कि यह दावा न केवल भ्रामक है बल्कि जानबूझकर किसानों को धोखे में रखने की साजिश है। उन्होंने कहा कि 2014 के पहले बीजेपी ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में C2+50% आधारित MSP देने का वादा किया था। लेकिन सत्ता में आने के बाद सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट देकर यह कह दिया कि यह संभव नहीं है।
जमीन पर क्या है सच्चाई
डॉ. सुनीलम ने सरकार के 2025-26 के लिए घोषित MSP और वास्तविक लागत (C2) के आंकड़े साझा करते हुए बताया कि बाजरा का एमएसपी 2,775, 3,313 और 538 मक्का का एमएसपी 2,400, 2,928 और 528 धान का एमएसपी 2,369, 3,135 और 766, सोयाबीन एमएसपी 5,328, 6,957 और 1,629, मूंग का एमएसपी 8,768, 11,214 और 2,446 कपास का एमएसपी 7,710, 10,075 , और 2,365 है। इसके साथ ही अरहर 8,000 , 10,258 और 2,258, इस आधार पर किसानों को प्रति क्विंटल 500 से 2,400 तक का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
किसानों के आंदोलन का इतिहास और सरकार की जवाबदेही
मंदसौर गोलीकांड के बाद बना अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति (AIKSCC), संसद में पेश हुए निजी विधेयकों पर एनडीए सरकार ने चर्चा तक नहीं की। दिल्ली बॉर्डर आंदोलन (2020-21) में 750 किसान शहीद हुए थे। आंदोलन के बाद तीन कृषि कानूनों की वापसी, पर MSP की कानूनी गारंटी आज तक अधूरी है। सुप्रीम कोर्ट और संसदीय समितियों ने भी MSP की सिफारिश की, लेकिन अमल नहीं।
क्या है किसान संघर्ष समिति की योजना?
डॉ. सुनीलम ने बताया कि केंद्र सरकार द्वारा बार-बार झूठे दावे किए जा रहे हैं जिनका राजनीतिक मकसद बिहार जैसे राज्यों में किसानों को गुमराह कर वोट हासिल करना है। इसी के खिलाफ किसान संघर्ष समिति विभिन्न जिलों में जनजागरण अभियान चलाएगी। विंध्य क्षेत्र में 10-14 जून तक किसान- मजदूर-आदिवासी अधिकार यात्रा निकाली जाएगी। MSP की कानूनी गारंटी की मांग को लेकर आंदोलन जारी रहेगा
राष्ट्रीय प्रवक्ता का बयान
एडवोकेट शिवसिंह, राष्ट्रीय प्रवक्ता ने बताया कि यह यात्रा न केवल किसानों की मांगों को लेकर है बल्कि यह सरकार द्वारा कॉरपोरेट को दी गई 17 लाख करोड़ की छूट और किसानों को उनके हक से वंचित करने के खिलाफ एक जनआंदोलन का हिस्सा होगी।
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