संसद के मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक में विपक्ष का हंगामा, कांग्रेस, टीएमसी, सपा, आप समेत कई दलों ने दर्ज कराया विरोध
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र से एक दिन पहले संसद भवन एनेक्सी में आयोजित सर्वदलीय बैठक के दौरान विपक्षी दलों ने विरोध जताते हुए वॉकआउट कर दिया। विपक्ष का आरोप है कि एक गैर-मान्यता प्राप्त दल के सांसदों को बैठक में शामिल किया गया, जिसका उन्होंने कड़ा विरोध किया।
तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, द्रविड़ मुनेत्र कड़गम, झारखंड मुक्ति मोर्चा, आम आदमी पार्टी, नेशनल कॉन्फ्रेंस, वाम दलों और शिवसेना (यूबीटी) सहित पूरा विपक्ष विरोध स्वरूप बैठक से बाहर निकल गया। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन 20 बागी सांसदों की अयोग्यता से जुड़ी याचिकाएं अभी लंबित हैं, उन्हें बैठक में शामिल करना संसदीय परंपराओं के खिलाफ है।
कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि अंतिम निर्णय आने से पहले किसी भी समूह को मान्यता देना असांविधानिक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संविधान और संसदीय व्यवस्था की रक्षा के लिए सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट किया।
शिवसेना (यूबीटी) सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि कानून में ऐसी मान्यता का कोई प्रावधान नहीं है। वहीं आम आदमी पार्टी के सांसद एन.डी. गुप्ता ने कहा कि उनके दल के मामले में भी अलग हुए सांसदों को स्वतंत्र मान्यता देना लोकतंत्र के खिलाफ है और इस पर उनकी याचिका लंबित है।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक चलेगा। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के अनुसार इस चार सप्ताह के सत्र में कुल 19 बैठकें होंगी। सरकार ने कहा है कि इस दौरान राष्ट्रीय महत्व के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत मामलों पर विचार किया जाएगा।