लखनऊ : मायावती ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। बुधवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने ऐलान किया कि बहुजन समाज पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्होंने दो टूक कहा कि पार्टी का किसी भी दल से गठबंधन करने का कोई इरादा नहीं है। मीडिया में चल रही गठबंधन की खबरें पूरी तरह झूठी, मनगढ़ंत और विरोधियों की साजिश हैं, जिनका मकसद बसपा को कमजोर दिखाना और कार्यकर्ताओं का मनोबल तोड़ना है।
AIMIM और सपा से गठबंधन की खबरों को बताया अफवाह
दरअसल, हाल के दिनों में बसपा और AIMIM के बीच संभावित गठबंधन को लेकर चर्चाएं तेज थीं। इसके अलावा समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इशारों-इशारों में बसपा के साथ गठबंधन की संभावना जताई थी। उन्होंने कहा था कि बसपा से पुराने रिश्ते रहे हैं और आगे भी साझा लड़ाई की उम्मीद की जा सकती है। इन अटकलों पर प्रतिक्रिया देते हुए मायावती ने साफ कहा कि कुछ स्वार्थी नेता और मीडिया जानबूझकर ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि बसपा का स्टैंड पहले भी स्पष्ट था और आज भी वही है पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी।
‘कटी पतंग जैसी उड़ान भरकर खुद का मजाक न उड़ाएं’: मीडिया को नसीहत
बसपा सुप्रीमो ने मीडिया और विरोधी दलों को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि नेताओं और मीडिया को कटी पतंग जैसी उड़ान भरकर अपना मजाक खुद उड़ाने से बचना चाहिए। मायावती ने याद दिलाया कि 9 अक्टूबर 2025 को कांशीराम की पुण्यतिथि पर लखनऊ में हुई महारैली में यह स्पष्ट रूप से घोषित कर दिया गया था कि बसपा 2027 का चुनाव अकेले लड़ेगी। उन्होंने कहा कि इसके बाद भी अगर बार-बार गठबंधन की बातें उछाली जा रही हैं, तो यह केवल भ्रम फैलाने की कोशिश है। लोकतंत्र को मजबूत करने के बजाय अफवाहों और एआई जैसे माध्यमों के जरिए झूठ फैलाना दुर्भाग्यपूर्ण है।
दिल्ली के टाइप-8 बंगले पर भी दी सफाई
मायावती ने दिल्ली में हाल ही में अलॉट हुए टाइप-8 सरकारी बंगले को लेकर उठ रही चर्चाओं पर भी खुलकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में भी उन्हें कई बंगले अलॉट किए गए थे, लेकिन सुरक्षा कारणों से कुछ बंगले नहीं लिए गए या छोड़ दिए गए। उन्होंने 2 जून 1995 के लखनऊ स्टेट गेस्ट हाउस कांड का जिक्र करते हुए कहा कि उस घटना के बाद से उन्हें विशेष उच्च सुरक्षा मिली हुई है, जो समय के साथ और बढ़ी है। कांग्रेस सरकार के समय से ही उन्हें टाइप-8 श्रेणी का बंगला मिलता रहा है। ऐसे में इस मुद्दे पर घिनौनी राजनीति करना दुर्भाग्यपूर्ण है।
‘हाथी की मस्त चाल चलते रहें’: कार्यकर्ताओं को संदेश
मायावती ने सपा, भाजपा और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि इन दलों की सोच संकीर्ण और बाबासाहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर विरोधी रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन पार्टियों का बसपा से गठबंधन करने का मकसद केवल चुनावी और वोटों का स्वार्थ होता है, जिससे पार्टी को हमेशा नुकसान ही हुआ है। उन्होंने बसपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे मनगढ़ंत बातों पर ध्यान न दें और हाथी की मस्त चाल चलते रहें। मायावती ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, विरोधियों की साजिशें और तेज होंगी। ऐसे में अंबेडकरवादी आंदोलन को मजबूत करने के लिए पूरे तन-मन-धन से जुटना जरूरी है।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि जिस तरह 2007 में बसपा ने अकेले दम पर पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई थी, उसी तरह 2027 में भी जनता के समर्थन से बसपा की सरकार बनेगी।
