लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने डुमरियागंज से पूर्व भाजपा विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह के विवादित बयान पर कड़ी नाराजगी जताई है। दरअसल पूर्व विधायक ने कथित रूप से कहा था कि “मुस्लिम लड़की लाओ, शादी करो और नौकरी पाओ”. इस बयान को लेकर सियासी हलचल तेज है और मायावती ने इसे बेहद आपत्तिजनक बताया.
मायावती ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि इस प्रकार के संकीर्ण और नफरत फैलाने वाले बयान समाज में जहर घोलते हैं. उन्होंने कहा कि यूपी, उत्तराखंड समेत कई राज्यों में धर्म परिवर्तन और लव जिहाद जैसे नाम देकर माहौल बिगाड़ने का खेल लगातार जारी है. लोगों के धर्म, सम्मान और जान-माल को खतरे में डालने वाले ऐसे शरारती तत्व कानून व्यवस्था और लोकतांत्रिक सरकार के लिए खुली चुनौती हैं.
बसपा सुप्रीमो ने यह भी कहा कि इस तरह की बयानबाजी और नफरत फैलाने वाले लोगों को संरक्षण देने के बजाय सरकारों को चाहिए कि वे कानून का राज सख्ती से लागू करें. उन्होंने मांग की कि ऐसे असामाजिक व अराजक लोगों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई हो, ताकि समाज में शांति और सौहार्द कायम रहे.
इसी के साथ मायावती ने पार्टी संगठन को मज़बूती देने और मुस्लिम समाज के जुड़ाव को बढ़ाने को लेकर भी एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है. बताया गया है कि बुधवार को बसपा प्रदेश कार्यालय में मुस्लिम समाज भाईचारा संगठन के पदाधिकारियों के साथ बैठक होगी. इस दौरान मायावती संगठन में मुस्लिम समुदाय की भागीदारी बढ़ाने संबंधी दिशा-निर्देश देंगी. इसके अलावा वे एसआईआर (Special Intensive Revision) के मुद्दे पर भी पार्टी का स्पष्ट रुख सामने रखेंगी.
मायावती ने आरोप लगाया कि राजनीतिक लाभ के लिए नफरत फैलाने का खेल हो रहा है और इस तरह की बयानबाजी लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है. उन्होंने जनता से अपील की कि समाज में शांति बनाए रखने और ऐसे तत्वों को जवाब देने के लिए जागरूक रहें.
