बसपा सुप्रीमो ने राम गोपाल यादव और धनराज नथवानी को राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने का हवाला दिया, कहा- सपा का पीडीए राजनीतिक छलावा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने समाजवादी पार्टी पर परिवारवाद और पूंजीपतियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सपा चुनाव में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के वोट मांगती है, लेकिन टिकट देने में परिवार और बड़े पूंजीपतियों को प्राथमिकता देती है। मायावती ने सपा के संभावित तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर भी टिप्पणी की और इसे ‘फेस सेविंग’ के लिए उठाया गया कदम बताया।
राम गोपाल यादव और धनराज नथवानी को लेकर निशाना
मायावती ने अपने एक्स पोस्ट में सपा के मौजूदा राज्यसभा उम्मीदवारों को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि सपा ने राम गोपाल यादव को फिर से राज्यसभा उम्मीदवार बनाया है, जबकि दूसरे उम्मीदवार के तौर पर धनराज परिमल नथवानी को मैदान में उतारा है। मायावती ने राम गोपाल यादव को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव का करीबी रिश्तेदार और धनराज नथवानी को एक बड़े उद्योग घराने से जुड़ा व्यक्ति बताते हुए इसे सपा की राजनीति का उदाहरण बताया। धनराज नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज से जुड़े कॉरपोरेट अधिकारी हैं।
‘सपा को वोट पीडीए का चाहिए’
मायावती ने आरोप लगाया कि सपा चुनाव में पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक यानी पीडीए वर्ग के नाम पर समर्थन मांगती है, लेकिन सांसद और विधायक के टिकट में परिवार तथा बड़े उद्योगपतियों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा कि जनता को सपा के पीडीए के दावे को समझना चाहिए और इस कथित राजनीतिक छलावे से सतर्क रहना चाहिए। ये मायावती के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में रखा है।
तीसरे उम्मीदवार पर भी मायावती का तंज
मायावती ने सपा के तीसरे राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोगों की राय में सपा का तीसरा उम्मीदवार पहले की तरह संभवतः ‘फेस सेविंग’ और चुनाव हारने के लिए हो सकता है। वहीं, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इससे पहले कहा है कि तीसरे उम्मीदवार की घोषणा के लिए पार्टी आवश्यक संख्या जुटाने पर काम कर रही है। यानी तीसरे उम्मीदवार को लेकर सपा की ओर से चुनावी तैयारी की बात सामने आ चुकी है।
बसपा की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया का भी किया जिक्र
मायावती ने अपने बयान में बसपा की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों या बड़े पूंजीपतियों को टिकट देने के बजाय गरीब, मध्यम वर्ग और कमजोर तबकों से जुड़े कार्यकर्ताओं को उम्मीदवार बनाती है। मायावती ने बसपा की राजनीति को परिवारवाद और धनबल से अलग बताते हुए सपा की राजनीतिक शैली से इसकी तुलना की।
2027 चुनाव से पहले मायावती ने किया सतर्क रहने का आह्वान
मायावती ने अपने बयान को आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से भी जोड़ा। उन्होंने गरीब अपरकास्ट वर्ग के साथ दलित, आदिवासी, अति-पिछड़े, मुस्लिम और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यक वर्गों का जिक्र करते हुए उन्हें राजनीतिक रूप से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि इन वर्गों के हित बसपा की राजनीति में सुरक्षित हैं। यह मायावती का राजनीतिक दावा है; वहीं सपा की ओर से उसके पीडीए सामाजिक गठजोड़ और राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अलग रुख रखा जाता रहा है।
