लखनऊ: रविवार सुबह हुए सड़क हादसे में एक राष्ट्रीय स्तर की एथलीट और हॉकी प्लेयर की दर्दनाक मौत हो गई। 23 वर्षीय जूली यादव एलपीएस स्कूल में स्पोर्ट्स टीचर के रूप में कार्यरत थीं। सुबह स्कूल में आयोजित हो रही बैडमिंटन चैंपियनशिप में गईं, लेकिन वहां पहुंचकर उन्हें एहसास हुआ कि मोबाइल फोन घर पर ही रह गया है। फोन लेने के लिए वे अपनी होंडा शाइन बाइक से घर की ओर लौट रही थीं।
घर से कुछ ही दूरी पर पारा थाना क्षेत्र के मौदा मोड़ के पास सिलेंडर से भरे एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया। राहगीरों ने तुरंत उन्हें लोकबंधु अस्पताल पहुँचाया, जहां डॉक्टरों ने जूली को मृत घोषित कर दिया मूलरूप से किसान परिवार से आने वाली जूली के पिता अजय यादव खेती करते हैं और मां गुड्डी देवी गृहणी हैं। छोटा भाई अमन पढ़ाई कर रहा है। पारा थाना प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है और मामले की जांच की जा रही है।
टक्कर इतनी भीषण कि ट्रक का पहिया ऊपर से गुजर गया
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना बेहद भयावह थी। ट्रक ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मारी, जिससे जूली सड़क पर गिर पड़ीं और ट्रक का पहिया उनके ऊपर से निकल गया। दुर्घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उसकी पहचान और ट्रक का पता लगाने में जुटी है।
खेल जगत में शोक—नेशनल प्लेयर थीं जूली
जूली के साथी खिलाड़ी और परिजन पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे तो माहौल गमगीन हो गया। उनकी सीनियर साथी रत्ना ने बताया कि जूली बचपन से ही एथलेटिक्स और हॉकी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही थीं।
रत्ना ने कहा हमने साथ में नेशनल, ऑल इंडिया और मंडल स्तर पर खेला है। वह 400 और 800 मीटर की धावक थीं और जूनियर कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीत चुकी थीं। ऑल इंडिया हॉकी टीम में भी उनका चयन हुआ था। वह इस समय स्कूल में नौकरी कर रही थी और आगे सीखने व आगे बढ़ने पर पूरा फोकस था।”
परिवार में मातम—‘होनहार बिटिया हमसे छिन गई’
हादसे की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया। पिता अजय यादव और मां गुड्डी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने कहा, जूली ने कभी किसी को दुख नहीं दिया। सबकी मदद करती थी। पता नहीं इतना बड़ा हादसा कैसे हो गया।”
गांव मौदा और स्कूल, दोनों जगह शोक का माहौल है।
