फतेहपुर, यूपी: शादी से एक दिन पहले फतेहपुर जिले के खजुहा ब्लॉक में तैनात लेखपाल सुधीर कुमार कोरी (25 वर्ष) ने सुसाइड कर लिया। 26 नवंबर को बारात जानी थी और घर में हल्दी-मेहंदी की रस्में शुरू हो चुकी थीं।
सुसाइड का मामला और घटना क्रम
परिवार के अनुसार, सोमवार को सुधीर अपने ड्यूटी पर नहीं गए। सुबह उनके घर कानूनगो पहुंचे और उन्हें डांट लगाई। इसके बाद सुधीर अपने कमरे में चले गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। बहन रोशनी ने आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। देर तक आवाज न आने पर परिवार ने दरवाजा तोड़ा, तो सुधीर फंदे से लटक रहे थे। सुधीर की मौत की खबर सुनते ही मां बेहोश हो गई, जबकि मंगेतर काजल और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और चीख-पुकार मच गई।
शादी और परिवार की जानकारी
सुधीर दो साल पहले लेखपाल बने थे और छह महीने पहले उनकी शादी सीतापुर के रघुनंदन की बेटी काजल से तय हुई थी। इंगेजमेंट 8 जून 2025 को हुई थी। 26 नवंबर को बारात घर से लगभग 4 किलोमीटर दूर सीतापुर जानी थी। सुधीर का परिवार खजुहा कस्बे में रहता था। मां रामकुमारी, भाई जंगबहादुर, भाभी और बहन रोशनी के साथ रहते थे। पिता का निधन पहले हो चुका था।
छुट्टी न मिलने और डांट के बाद सुसाइड
बहन रोशनी ने बताया कि सुधीर छुट्टी के लिए आवेदन कर रहे थे, लेकिन कानूनगो छुट्टी नहीं दे रहे थे। शादी की तैयारियों में व्यस्त होने के बावजूद सोमवार को ड्यूटी पर न जाने पर सुधीर को सस्पेंड कर दिया गया। रोशनी ने कहा, “कानूनगो की डांट के बाद भाई ने अपनी जान दे दी। जब तक कानूनगो पर कार्रवाई नहीं होगी, हम शव नहीं उठाएंगे।”
मंगेतर की प्रतिक्रिया
सुधीर की मंगेतर काजल ने बताया कि कई दिनों से काम के प्रेशर के कारण बातचीत ठीक से नहीं हो पा रही थी। अंतिम बार 22 नवंबर को बात हुई थी। सुबह सुधीर ने गुड मॉर्निंग मैसेज भेजा था, जिसमें लिखा था कि “काम बहुत है, बात नहीं कर पाऊंगा।” थोड़ी देर बाद परिवार को फोन आया कि उन्होंने फांसी लगा ली।
ससुर की प्रतिक्रिया
सुधीर के ससुर रघुनंदन ने होटल बुकिंग का पेपर दिखाते हुए रोते हुए कहा कि शादी की तैयारियां पूरी हो चुकी थीं और अचानक ऐसा होने की उम्मीद नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि दलित होने के कारण अधिकारियों ने सुधीर पर दबाव डाला और धमकी दी। रघुनंदन ने कहा, “काम का इतना दबाव था कि भाई छुट्टी भी नहीं ले पा रहा था। हम चाहते हैं कि इस मामले में न्याय मिले।”
