ठंड से बचने को जलाई अंगीठी
हरियाणा : कुरुक्षेत्र से मंगलवार सुबह एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई, जहां एक होटल के बंद कमरे में कोयले की अंगीठी जलाने से दम घुटने के कारण उत्तर प्रदेश के पांच युवकों की मौत हो गई। मृतकों में एक ठेकेदार भी शामिल है, जो अपनी लेबर के साथ होटल में पेंटिंग का काम करने आया था। इस हादसे से इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार, यह घटना कुरुक्षेत्र जिला जेल के पास स्थित एक होटल की है। सहारनपुर जिले के शेखपुरा कदीम गांव निवासी ठेकेदार नूर अपने चार मजदूरों के साथ सोमवार शाम पेंटिंग कार्य के लिए कुरुक्षेत्र पहुंचा था। शाम करीब चार बजे सभी होटल पहुंचे और काम न होने के कारण रात में वहीं रुक गए। ठंड अधिक होने के चलते पांचों ने कमरे के अंदर कोयले की अंगीठी जला ली, खाना खाया और सो गए।

मंगलवार सुबह जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला तो होटल कर्मचारियों को शक हुआ। होटल कर्मचारी कंवरपाल ने इस बात की जानकारी मैनेजर उपेंद्र नैन को दी। मैनेजर मौके पर पहुंचा और दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। स्थिति गंभीर लगने पर तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भी दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजा तोड़ा गया। जैसे ही पुलिस अंदर दाखिल हुई, वहां का मंजर देखकर सभी सन्न रह गए। कमरे के अंदर पांचों युवक बेसुध हालत में पड़े हुए थे। तुरंत सभी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कमरे के अंदर अंगीठी नुमा तसले में कोयले जलाए गए थे। बंद कमरे में धुएं और ऑक्सीजन की कमी के कारण पांचों का दम घुट गया। पुलिस का मानना है कि यही मौत का मुख्य कारण है। कमरे से शराब की तीन बोतलें भी बरामद हुई हैं, जिससे पता चलता है कि मजदूरों ने शराब का सेवन भी किया था। इसके अलावा कमरे में मैगी के पैकेट मिले हैं। बताया जा रहा है कि कुछ खाना होटल से लिया गया था और कुछ बाहर से मंगाया गया था।
मृतकों में ठेकेदार नूर के अलावा दो मजदूरों की पहचान राजकुमार और रोशन के रूप में हुई है, जो शेखपुरा कदीम, सहारनपुर के रहने वाले थे। अन्य दो मजदूरों की पहचान की जा रही है। पुलिस ने होटल मालिक को भी मौके पर बुला लिया है और पूरे मामले की जांच जारी है। परिजनों के पहुंचने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। यह हादसा एक बार फिर चेतावनी देता है कि बंद कमरे में अंगीठी, अलाव या किसी भी तरह की आग जलाना जानलेवा साबित हो सकता है। थोड़ी सी लापरवाही पूरे परिवारों को जिंदगी भर का दर्द दे जाती है।
