सीडब्ल्यूसी बैठक में थरूर के सुझाव पर खरगे की हल्की-फुल्की टिप्पणी, जवाब सुनकर बैठक में मौजूद नेताओं के चेहरे पर आई मुस्कान
नई दिल्ली: कांग्रेस कार्य समिति की बैठक के दौरान पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और केरल से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के बीच हल्का-फुल्का संवाद चर्चा में आ गया। बैठक में थरूर ने सुझाव दिया कि महात्मा गांधी की जयंती पर कांग्रेस को बड़ा धरना प्रदर्शन आयोजित करना चाहिए। इस पर खरगे ने उनसे कहा कि अगर धरना होता है तो वह भी उसमें शामिल हों और केवल अंग्रेजी अखबारों में लेख लिखने तक सीमित न रहें। खरगे की इस टिप्पणी पर बैठक में मौजूद कई नेता हंस पड़े।
थरूर ने गांधी जयंती पर बड़े धरने का दिया सुझाव
मंगलवार को कांग्रेस कार्य समिति की बैठक करीब ढाई घंटे चली। बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति और विभिन्न राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई। इसी दौरान शशि थरूर ने सुझाव दिया कि गांधी जयंती के अवसर पर कांग्रेस को बड़ा कार्यक्रम या धरना आयोजित करना चाहिए। उनका तर्क था कि अगर कांग्रेस इस मौके पर कोई बड़ा कार्यक्रम नहीं करती है तो भाजपा इस अवसर का इस्तेमाल अपनी राजनीतिक छवि मजबूत करने के लिए कर सकती है।
खरगे ने कहा- आप भी धरने में पार्टिसिपेट करिएगा
थरूर के सुझाव पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्के-फुल्के अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने थरूर की ओर इशारा करते हुए कहा कि यदि पार्टी धरना आयोजित करती है तो वह उसमें खुद भी शामिल हों। खरगे ने यह भी कहा कि उन्हें केवल सामाजिक माध्यम पर देखने या अंग्रेजी अखबारों में उनके लेख पढ़ने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि धरने में भी भाग लेना चाहिए। खरगे की इस टिप्पणी के बाद बैठक में मौजूद नेताओं के बीच हंसी का माहौल बन गया।
सीडब्ल्यूसी बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा
कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में पार्टी की आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। बैठक का प्रमुख मुद्दा विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े कांग्रेस के आरोप और मांगें भी रहे। कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर आगे आंदोलन करने की रणनीति पर चर्चा की।
पहले भी थरूर को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं खरगे
मल्लिकार्जुन खरगे इससे पहले भी शशि थरूर को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं। पिछली सीडब्ल्यूसी बैठक के दौरान उत्तराखंड के हल्द्वानी में अपने कार्यक्रम के बाद हुए कथित शुद्धिकरण विवाद का जिक्र करते हुए खरगे ने उन नेताओं पर निशाना साधा था जो टेलीविजन पर लोकप्रिय हैं और अंग्रेजी अखबारों में लेख लिखते हैं। खरगे की उस टिप्पणी को शशि थरूर से जोड़कर देखा गया था। हालांकि, उस समय खरगे ने अपने बयान में थरूर का नाम सीधे नहीं लिया था। हल्द्वानी में खरगे के कार्यक्रम के बाद हुए कथित शुद्धिकरण अनुष्ठान को लेकर कांग्रेस नेताओं ने विरोध जताया था और बाद में इस मामले में कानूनी कार्रवाई भी हुई।
बैठक में रणनीति के साथ दिखा हल्का-फुल्का माहौल
सीडब्ल्यूसी की बैठक में एक ओर जहां कांग्रेस ने चुनाव और संगठन से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अपनी रणनीति तय करने पर चर्चा की, वहीं खरगे और थरूर के बीच हुई यह बातचीत बैठक के हल्के-फुल्के क्षणों में शामिल रही। थरूर के धरना सुझाव पर खरगे की टिप्पणी के बाद नेताओं के बीच हंसी का माहौल बना। बैठक से जुड़े इस प्रसंग ने दोनों नेताओं के बीच सार्वजनिक रूप से नजर आने वाले राजनीतिक संवाद को भी चर्चा में ला दिया।
