कैंट के भौआपुर गांव में बंदरों को भगाने छत पर गए थे धर्मपाल, झुंड ने दौड़ाया तो नीचे गिरे; चनहेटी में कपड़े की फेरी लगा रहे युवक पर भी हमला
बरेली: जिले के कैंट थाना क्षेत्र में बंदरों के आतंक का मामला सामने आया है। भौआपुर गांव में सोमवार शाम बंदरों के झुंड को भगाने छत पर गए 39 वर्षीय धर्मपाल कश्यप को बंदरों ने दौड़ा दिया। बचने की कोशिश में वह छत से नीचे गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वहीं, मंगलवार दोपहर चनहेटी गांव निवासी 35 वर्षीय पिंटू पर भी बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। एक बंदर ने उनके हाथ में काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बंदरों को भगाने छत पर गए थे धर्मपाल
परिजनों के मुताबिक, सोमवार शाम घर में बंदरों का झुंड घुस आया था। धर्मपाल बंदरों को भगाने के लिए छत पर चले गए। इसी दौरान बंदरों ने उन्हें दौड़ा दिया। बंदरों से बचने की कोशिश में धर्मपाल छत से नीचे गिर गए। गिरने से उनके सिर में गंभीर चोट आई। हादसे के बाद परिवार के लोग उन्हें तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
धर्मपाल की मौत की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम हाउस पर सुभाष ने बताया कि बंदरों को भगाने के दौरान धर्मपाल हादसे का शिकार हुए। उनकी मौत के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है।
मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते थे धर्मपाल
धर्मपाल मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। उनकी मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट भी खड़ा हो गया है। पत्नी और चार छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के मुताबिक, धर्मपाल ही परिवार की रोजी-रोटी का मुख्य सहारा थे। अचानक हुई उनकी मौत से परिवार सदमे में है।
कपड़े की फेरी लगा रहे युवक पर बंदरों का हमला
बंदरों के हमले की दूसरी घटना मंगलवार दोपहर चनहेटी गांव निवासी 35 वर्षीय पिंटू के साथ हुई। पिंटू कांधरपुर गांव में कपड़े की फेरी लगा रहे थे। बताया गया कि दोपहर करीब डेढ़ बजे वह गांव में फेरी कर रहे थे, तभी अचानक बंदरों के झुंड ने उन पर हमला कर दिया। एक बंदर ने उनके हाथ में काट लिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए।
लोगों ने बंदरों को भगाकर युवक को बचाया
पिंटू पर बंदरों के हमला करते ही आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह बंदरों को वहां से भगाया और उन्हें बचाया। इसके बाद घायल पिंटू को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। लगातार दो दिनों में बंदरों के हमले की घटनाओं से क्षेत्र के लोगों में दहशत का माहौल है। एक तरफ बंदरों के हमले में मजदूर की जान चली गई, वहीं दूसरी घटना में युवक घायल हुआ है। स्थानीय लोगों ने बंदरों के बढ़ते आतंक से निजात दिलाने की मांग की है।
