19 सितंबर को इलाज के दौरान हुई थी बीएससी नर्सिंग छात्रा की मौत, आंतरिक जांच समिति पर छात्रों ने जताया अविश्वास
लखनऊ: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय के बीएससी नर्सिंग 2025 बैच की छात्रा दिव्यांशी यादव की मौत के मामले में सोमवार सुबह नर्सिंग कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं ने दोबारा धरना शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारी छात्र डीन के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। इसके साथ ही छात्रों ने केजीएमयू की ओर से गठित पांच सदस्यीय आंतरिक जांच समिति पर भी सवाल उठाए हैं। छात्रों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच के लिए समिति में केजीएमयू से बाहर के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और स्वतंत्र चिकित्सा विशेषज्ञों को शामिल किया जाए।
19 सितंबर को इलाज के दौरान हुई थी मौत
बीएससी नर्सिंग की छात्रा दिव्यांशी यादव की 19 सितंबर को इलाज के दौरान मौत हो गई थी। छात्रा की मौत के बाद नर्सिंग के छात्र-छात्राओं ने 21 और 22 सितंबर को व्यापक प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन के दौरान प्रिंसिपल सूचना ने इस्तीफा दिया था, हालांकि छात्रों के मुताबिक अभी तक उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है।
कुलपति ने मांगा था तीन दिन का समय
प्रदर्शन के दौरान कुलपति की ओर से मामले की जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। छात्रों के अनुसार, कुलपति ने जांच और कार्रवाई के लिए तीन दिन का समय मांगा था। छात्रों का कहना है कि तय समय बीतने के बावजूद उनकी मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्होंने दोबारा धरना शुरू किया है।
आंतरिक जांच समिति पर छात्रों को भरोसा नहीं
छात्रों ने केजीएमयू प्रशासन की ओर से बनाई गई पांच सदस्यीय आंतरिक जांच समिति पर अविश्वास जताया है। उनकी मांग है कि जांच में ऐसे वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया जाए, जो केजीएमयू से बाहर हों। इसके अलावा छात्र स्वतंत्र चिकित्सा विशेषज्ञों को भी जांच समिति में शामिल करने की मांग कर रहे हैं, ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके।
छात्रों ने अटेंडेंस के दबाव का लगाया आरोप
प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि दिव्यांशी को तेज बुखार और डेंगू की स्थिति के बावजूद मेडिकल अवकाश नहीं दिया गया। छात्रों का दावा है कि कम उपस्थिति होने के डर से उसे ड्यूटी और कॉलेज आने के लिए मजबूर होना पड़ा। छात्रों ने इसी कथित दबाव को दिव्यांशी की तबीयत बिगड़ने और बाद में हुई मौत से जोड़ते हुए मामले की विस्तृत जांच की मांग की है। इन आरोपों पर केजीएमयू प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।
परिजनों ने मुख्यमंत्री और राज्यपाल को लिखा पत्र
दिव्यांशी की मौत के बाद उसके परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल को पत्र भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों ने केजीएमयू प्रशासन पर कथित संवेदनहीनता और छात्रा पर अटेंडेंस का दबाव बनाए जाने का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की जांच कर जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
छात्रों की मांगों पर टिकी नजर
फिलहाल नर्सिंग कॉलेज परिसर में छात्र-छात्राओं का धरना जारी है। प्रदर्शनकारी डीन के इस्तीफे, बाहरी अधिकारियों और स्वतंत्र चिकित्सा विशेषज्ञों को शामिल कर जांच कराने तथा दिव्यांशी की मौत के मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मामले में केजीएमयू प्रशासन की ओर से जांच और छात्रों की मांगों पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर अब सभी की नजर है।
