लखनऊ : उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाज़ी का दौर लगातार तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी प्रदेश की जनता के लिए खतरा बन चुकी है और अगर उनकी सरकार दोबारा सत्ता में आती है तो सबसे ज्यादा असर महिलाओं की सुरक्षा पर पड़ेगा। उनके अनुसार, सपा शासन का मतलब कानून-व्यवस्था का कमजोर होना है, जिससे बहनों-बेटियों की सुरक्षा पर संकट खड़ा हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी स्थिति में परिवारों का सामाजिक संतुलन भी प्रभावित होता है और आम लोगों का जीवन असुरक्षित हो जाता है।
केशव प्रसाद मौर्य ने अपने बयान में यह भी याद दिलाया कि प्रदेश की जनता पहले भी कई बार समाजवादी पार्टी को नकार चुकी है। उन्होंने कहा कि 2014, 2017, 2019 और 2022 के चुनावों में जनता ने सपा को स्पष्ट रूप से हार का सामना कराया। हालांकि 2024 के चुनाव में समाजवादी पार्टी कुछ सीटें बढ़ाने में सफल रही, लेकिन मौर्य के अनुसार यह जनता को गुमराह करने का परिणाम था, न कि वास्तविक जनसमर्थन का संकेत। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के लिए कोई खास संभावना नहीं है और जनता एक बार फिर भाजपा को ही समर्थन देगी।
अपने बयान में उन्होंने समाजवादी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पार्टी में गुंडों और माफियाओं का प्रभाव अधिक रहा है। उनके मुताबिक, जब भी सपा की सरकार रही है, तब अपराध और अराजकता के मामले बढ़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता अब ऐसे दौर में वापस नहीं जाना चाहती और विकास तथा सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा सरकार कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और जनता को सुरक्षित माहौल देने के लिए प्रतिबद्ध है।
इसी दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के एक बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। अखिलेश यादव ने हाल ही में आरोप लगाया था कि भाजपा पैसे देकर फिल्में बनवाती है, जिस पर मौर्य ने कहा कि यह बयान उनकी हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि सत्ता से बाहर रहने के कारण अखिलेश यादव इस तरह के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि जनता अब उनके नेतृत्व को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
केशव प्रसाद मौर्य ने आगे कहा कि आने वाले समय में भी भाजपा का जनसमर्थन बना रहेगा और 2027 के चुनाव में पार्टी मजबूत स्थिति में रहेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2047 तक समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने की कोई संभावना नहीं है। उनके इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। स्पष्ट है कि आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर अभी और बढ़ने वाला है, जिसमें हर पार्टी अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में जुटी हुई है।