कानून-व्यवस्था से विकास कार्यों तक हाईलेवल समीक्षा, लंबित शिकायतों और सुस्त विभागों पर सख्ती के संकेत
बरेली : उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य बुधवार को बरेली पहुंचे। यहां उनके दौरे को लेकर सुबह से ही प्रशासनिक अमले में हलचल रही। सर्किट हाउस पहुंचने पर उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात कर संगठन और जिले के जमीनी हालात की जानकारी ली। इसके बाद वह कलेक्ट्रेट सभागार पहुंचे, जहां उनकी अध्यक्षता में जिले की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक शुरू हुई। बैठक में डीएम, एसएसपी समेत सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी मौजूद हैं।
शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की समीक्षा
उपमुख्यमंत्री कानून-व्यवस्था, विकास कार्यों, राजस्व मामलों और शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं की विभागवार समीक्षा कर रहे हैं। बैठक में सरकार की 37 प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का बिंदुवार आकलन किया जा रहा है। अधिकारियों से योजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति, बजट व्यय, निर्धारित लक्ष्य और लाभार्थियों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया है।
अफसरों से जवाब तलब
समीक्षा के दौरान समयसीमा के बावजूद अधूरी पड़ी परियोजनाओं पर अधिकारियों से जवाब-तलब किया जा रहा है। लक्ष्य से पीछे चल रहे विभागों से देरी के कारण पूछे जा रहे हैं और कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।उपमुख्यमंत्री की समीक्षा में आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित 37 योजनाओं की प्रगति पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
लंबित शिकायतों की जानी स्थिति
इसके साथ ही जनवरी 2026 से अब तक उपमुख्यमंत्री कार्यालय में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की भी समीक्षा की जा रही है। विभागवार लंबित शिकायतों की स्थिति, समाधान की गुणवत्ता और कार्रवाई की प्रगति पर अधिकारियों से जवाब मांगा जा रहा है।
लापरवाही पर कार्रवाई तय
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जिन विभागों का प्रदर्शन असंतोषजनक पाया जाएगा या शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही सामने आएगी, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए जा सकते हैं। इसी वजह से यह समीक्षा बैठक जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।उपमुख्यमंत्री का यह दौरा प्रशासनिक व्यवस्था को गति देने, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
