जर्जर भवन गिराए जाने के बाद तीन साल से नए भवन का इंतजार, 122 छात्र दो कमरों में पढ़ने को मजबूर; शनिवार को बच्चों ने स्कूल में प्रवेश से किया इनकार
कानपुर: घाटमपुर तहसील क्षेत्र के समूही भटपुरवा गांव में प्राथमिक विद्यालय के नए भवन की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने शनिवार को प्रदर्शन किया। विद्यालय पहुंचने के बाद बच्चों ने अंदर जाने से इनकार कर दिया और स्कूल के बाहर नारेबाजी करते हुए नए भवन की मांग उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब तीन वर्षों से स्कूल भवन निर्माण की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ।
जर्जर भवन गिरने के बाद दो कमरों में चल रहा स्कूल
समूही भटपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय का पुराना भवन जर्जर हालत में था। वर्ष 2023 में जर्जर हिस्से का एक भाग गिर गया था, जिसकी चपेट में आकर एक बच्ची घायल हो गई थी। इसके बाद विभागीय अनुमति के बाद जर्जर हिस्से को ढहा दिया गया और उसकी नीलामी कर दी गई। भवन का जर्जर हिस्सा हटाए जाने के बाद से विद्यालय का संचालन महज दो कमरों में किया जा रहा है। इससे बच्चों और शिक्षकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
122 छात्र, पांच शिक्षक और दो कमरों में पढ़ाई
विद्यालय में वर्तमान में कुल 122 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। विद्यालय में प्रधानाध्यापिका प्रियंका तिवारी के अलावा दो सहायक अध्यापक और दो शिक्षामित्र तैनात हैं। ग्रामीणों के मुताबिक, इतने बच्चों के लिए दो कमरों में पढ़ाई संचालित करना बेहद मुश्किल है। वहीं विद्यालय में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र भी अपने भवन के अभाव में एक घर में चलाया जा रहा है।
तीन साल से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे ग्रामीण
ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल भवन बनवाने की मांग को लेकर वे पिछले तीन वर्षों से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के पास लगातार शिकायत कर रहे हैं। इसके बावजूद अभी तक नए भवन के निर्माण की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। शनिवार को जब बच्चे विद्यालय पहुंचे तो उन्होंने अंदर जाने के बजाय बाहर ही प्रदर्शन शुरू कर दिया। बच्चों के प्रदर्शन से विद्यालय परिसर के बाहर काफी देर तक माहौल गर्म रहा।
खंड शिक्षा अधिकारी ने मौके पर पहुंचने की बात कही
मामले में एबीएसए दीपक अवस्थी ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले ही भीतरगांव खंड शिक्षा अधिकारी के पद पर कार्यभार संभाला है और उनके पास घाटमपुर का अतिरिक्त प्रभार है। उन्होंने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है और वह मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेंगे। अब ग्रामीणों और छात्र-छात्राओं को नए विद्यालय भवन के निर्माण को लेकर प्रशासन की ओर से ठोस कार्रवाई का इंतजार है।
