सात राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मशीनों की तकनीकी जांच शुरू, निर्वाचन आयोग के अवर सचिव तीन दिन तक करेंगे निगरानी
कानपुर: आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों के तहत कानपुर में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और वीवीपैट की प्रथम स्तरीय जांच यानी एफएलसी शुरू हो गई है। गुरुवार को जिला निर्वाचन कार्यालय में सात राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में मशीनों की जांच की गई। इस दौरान पुराने डाटा को हटाने के साथ मशीनों की तकनीकी और कार्यक्षमता संबंधी जांच की जा रही है।
5417 ईवीएम की होगी एफएलसी
कानपुर जिले के 10 विधानसभा क्षेत्रों के 3736 बूथों के लिए कुल 5417 ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच की जानी है। इसके लिए बेंगलुरु स्थित भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड से 12 इंजीनियरों की टीम बुधवार को ही कानपुर पहुंच गई थी। गुरुवार सुबह करीब नौ बजे से इंजीनियरों की टीम ने मशीनों की तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि चुनाव के दौरान मशीनों में किसी तरह की तकनीकी खराबी न आए।
सात राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में जांच
एफएलसी की पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार की जा रही है। इसमें पिछले चुनाव का डाटा हटाने के बाद प्रत्येक ईवीएम की भौतिक स्थिति और कार्यक्षमता की जांच की जाती है। पूरी प्रक्रिया के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एफएलसी की लाइव वेबकास्टिंग दिल्ली और लखनऊ स्थित निर्वाचन आयोग के कार्यालयों में भी देखी जा रही है।
निर्वाचन आयोग के अधिकारी कर रहे निगरानी
भारत निर्वाचन आयोग के अवर सचिव कनिष्क कुमार भी एफएलसी प्रक्रिया की निगरानी के लिए कानपुर पहुंचे हैं। वह तीन दिन तक कानपुर में रहकर पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण करेंगे।एफएलसी की प्रक्रिया करीब 15 दिन तक चलने की बात कही गई है। इस दौरान निर्धारित संख्या में सभी मशीनों की जांच पूरी की जाएगी।
एफएलसी के बाद सील कर सुरक्षित रखी जाएंगी मशीनें
प्रथम स्तरीय जांच पूरी होने के बाद सही पाई जाने वाली ईवीएम को निर्धारित प्रक्रिया के तहत सील कर सुरक्षित रखा जाएगा। इसके साथ ही निर्वाचन आयोग के ईवीएम प्रबंधन सिस्टम में प्रत्येक मशीन की एफएलसी की स्थिति भी दर्ज की जाएगी। इस व्यवस्था के जरिए मशीनों की आवाजाही और उनकी स्थिति का रिकॉर्ड रखा जाता है। चुनाव से पहले मशीनों की एफएलसी पूरी करना निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण है।
चुनाव तैयारियों का अहम चरण
निर्वाचन आयोग की निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार विधानसभा चुनाव से पहले तय समय-सीमा के भीतर ईवीएम की प्रथम स्तरीय जांच पूरी की जाती है। कानपुर में शुरू हुई एफएलसी को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों से जुड़े महत्वपूर्ण चरण के तौर पर देखा जा रहा है।
