बांदा : उत्तर प्रदेश के महोबा-बांदा नेशनल हाईवे से एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां दो ट्रकों की आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में तीन लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।
यह हादसा बृहस्पतिवार सुबह कस्बा थाना क्षेत्र से करीब तीन किलोमीटर दूर मुंडेरी मोड़ के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, कबरई से बांदा की ओर जा रहा गिट्टी से भरा ट्रक और बांदा से महोबा की ओर जा रहा एक खाली ट्रक आमने-सामने टकरा गए। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ट्रकों के अगले हिस्से पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए और देखते ही देखते उनमें आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसे के बाद ट्रकों में लगी आग ने कुछ ही पलों में विकराल रूप ले लिया। ट्रकों में फंसे लोग बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सके और आग की लपटों में घिर गए। इस भीषण आग में तीन लोगों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
मृतकों की पहचान गिट्टी से भरे ट्रक के चालक सुरेश पांडे (55), खाली ट्रक के चालक सूरज नाथ उर्फ साधु और क्लीनर सनी के रूप में हुई है। वहीं, गिट्टी से भरे ट्रक का क्लीनर अभिषेक यादव (23), जो सुल्तानपुर का निवासी बताया जा रहा है, इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत 108 एंबुलेंस की मदद से जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है।
पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह हादसा ओवरटेक करने के प्रयास में हुआ। तेज रफ्तार और लापरवाही के चलते दोनों ट्रक आमने-सामने भिड़ गए, जिसके बाद यह भयावह हादसा हुआ। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। आग इतनी भयानक थी कि उसे बुझाने के लिए दमकल की दो गाड़ियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। हालांकि, जब तक आग पर काबू पाया गया, तब तक ट्रकों में फंसे तीनों लोग पूरी तरह जल चुके थे।
इस हादसे के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जमा हो गए और घटना को देखकर हर कोई स्तब्ध रह गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल, मृतकों के परिजनों को सूचना देने की कोशिश की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हादसे के समय ट्रकों की गति कितनी थी और क्या कोई अन्य कारण भी इस दुर्घटना के पीछे जिम्मेदार था।
यह दर्दनाक हादसा एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि आखिर कब तक सड़कों पर लापरवाही यूं ही लोगों की जान लेती रहेगी। ओवरटेक की जल्दबाजी और तेज रफ्तार अक्सर ऐसे ही खतरनाक हादसों को जन्म देती है, जिनमें कई परिवार हमेशा के लिए उजड़ जाते हैं।
