अलीगढ़/लखनऊ : यूपी के अलीगढ़ में गुरुवार को उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राम मंदिर आंदोलन के नायक कल्याण सिंह की चौथी पुण्यतिथि हिंदू गौरव दिवस के रूप में मनाई गई। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, बृजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।
मंच पर बढ़ा तनाव, कलराज मिश्र की नाराज़गी
कार्यक्रम के दौरान एक पल ऐसा आया, जब मंच का माहौल गर्मा गया। पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र अपने संबोधन में थे, तभी मंच संचालक आत्म प्रकाश मिश्र ने उन्हें एक पर्ची थमा दी। इस पर नाराज़ होकर कलराज मिश्र ने कहा “कल्याण सिंह के साथ मेरे जो संबंध रहे हैं, मुझे बोलने से कोई रोक नहीं सकता। कोशिश मत करना।”इसके बाद उन्होंने अपना भाषण जारी रखा।
सीएम योगी ने बाबूजी को किया नमन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “बाबूजी (कल्याण सिंह) ने स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए स्वास्थ्य सेवाओं का आदर्श मॉडल खड़ा किया और मुख्यमंत्री रहते हुए यूपी में कानून का राज स्थापित किया।” उन्होंने अयोध्या आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि बाबूजी ने राम भक्तों की रक्षा करते हुए अपनी सरकार की बलि दे दी। योगी ने आगे कहा कि “पहले त्योहारों पर दंगे हो जाते थे, लेकिन आज प्रदेश दंगा मुक्त है।” उन्होंने धारा 370 हटाने और आतंकवाद पर नकेल कसने को मोदी सरकार की बड़ी उपलब्धि बताया।
डिप्टी सीएम केशव मौर्य ने मांगा भारत रत्न
केशव प्रसाद मौर्य ने मांग की कि कल्याण सिंह को भारत रत्न मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि 2027 के चुनाव में समाजवादी पार्टी की साइकिल को उखाड़ फेंकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि अलीगढ़ का नाम बदलकर हरिगढ़ किया जाना चाहिए। भाजपा अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने बाबूजी के दिखाए रास्ते पर चलने की अपील की, जबकि डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने कहा कि “बाबूजी ने मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर राम मंदिर को प्राथमिकता दी। यह उनके त्याग का प्रतीक है।”
