इत्तेहाद- ए- मिल्लत प्रमुख मौलाना तौकीर रजा बोले – रद्द नहीं की गई मान्यता, पत्र आने पर दे दिए कागज
चुनावी चिह्न और कर छूट से वंचित हुए यूपी के 121 राजनीतिक दल
लखनऊ : यूपी विधानसभा चुनाव -2027 से पहले राजनीति में हलचल मचाने वाला बड़ा फैसला सामने आया है। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने राज्य के 121 राजनीतिक दलों की मान्यता समाप्त कर दी है। इसमें बरेली की इत्तेहाद-ए- मिल्लत काउंसिल (आईएमस) भी शामिल है। यह कार्रवाई इसलिए हुई, क्योंकि इन दलों ने 2019 से लगातार छह सालों तक न तो लोकसभा, और न ही विधानसभा चुनाव लड़ा। चुनाव आयोग के मुताबिक, ऐसी पार्टियां अब कानूनी, वित्तीय और चुनावी चिह्न से जुड़े किसी भी लाभ की हकदार नहीं रहेंगी। हालांकि, आईएमसी चीफ मौलाना तौकीर रजा खां ने “The Justice HINDI” को बताया कि हमारे दल की मान्यता रद्द नहीं की गई है, चुनाव आयोग ने पत्र भेजकर कुछ कागज मांगे थे। वह दे दिए गए हैं। उन्होंने कहा, 2012 विधानसभा चुनाव के बाद चुनाव नहीं लड़ा था। मगर, अब पार्टी को बढ़ाने के लिए जल्द ही कोर टीम के साथ सियासी गुफ्तगू होगी।
सीईओ ने दी जानकारी

मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने बताया आयोग ने 19 सितंबर 2025 के आदेश के तहत यह निर्णय लिया। 121 दल राज्य के 51 जिलों में पंजीकृत थे। ये दल अब लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 29B व 29C, आयकर अधिनियम, 1961, और चुनाव चिह्न आदेश, 1968 के तहत मिलने वाले सभी अधिकार खो देंगे।
चुनाव आयोग में अपील का अवसर

निर्वाचन आयोग ने कहा कि यदि कोई भी दल इस आदेश से असहमत है तो वह 30 दिनों के भीतर नई दिल्ली स्थित ECI में अपील कर सकता है। अपील के लिए तिथि की गिनती आदेश जारी होने की तारीख से होगी। इससे चुनावी चिह्न (Symbol) का लाभ खत्म हो जाएगा। कर छूट जैसी वित्तीय सुविधाएं समाप्त होंगी, और राजनीतिक पहचान पर असर – भविष्य में नए सिरे से पंजीकरण कराना होगा।
