हौज रानी स्थित इमारत में मचा हड़कंप, 37 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, फायर सेफ्टी व्यवस्था पर उठे सवाल
नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के पॉश इलाके मालवीय नगर में बुधवार सुबह एक भीषण अग्निकांड ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। हौज रानी स्थित एक होटल-रेस्टोरेंट में अचानक लगी आग ने देखते ही देखते पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 20 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। दमकल विभाग और प्रशासन की टीमों ने रेस्क्यू अभियान चलाकर 37 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
कुछ ही मिनटों में धुएं से भर गई पूरी इमारत
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग इतनी तेजी से फैली कि लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। इमारत में धुआं भरने के बाद लोग जान बचाने के लिए खिड़कियों और बालकनी की ओर भागे। कई लोगों ने अपनी जान बचाने के लिए ऊपरी मंजिलों से छलांग लगा दी। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और चारों तरफ चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
दमकल विभाग ने घंटों की मशक्कत के बाद पाया काबू
दिल्ली फायर सर्विस को सुबह करीब 9:05 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही कई फायर टेंडर, वाटर बाउजर और क्विक रिस्पॉन्स वाहन मौके पर भेजे गए। अधिकारियों के मुताबिक आग मालवीय नगर स्थित लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट से शुरू हुई और तेजी से ऊपरी हिस्सों तक फैल गई। दमकल कर्मियों ने बेसमेंट समेत कई हिस्सों में फंसे लोगों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल सीएटीएस एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया।
स्थानीय लोगों ने भी बचाव अभियान में की मदद
स्थानीय लोगों ने भी रेस्क्यू ऑपरेशन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जानकारी के अनुसार पास की एक गद्दे की दुकान के मालिक ने नीचे गद्दे बिछाकर लोगों की जान बचाने में मदद की। कई लोगों ने उन्हीं गद्दों के सहारे ऊपरी मंजिलों से कूदकर अपनी जान बचाई। घटना के दौरान पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया ताकि बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।
प्रशासन ने शुरू की जांच
एसडीएम जितेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही प्रशासन और संबंधित एजेंसियों को मौके पर भेज दिया गया था। शुरुआती जांच में आग होटल से फैलने की बात सामने आई है, हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल सका है। उन्होंने बताया कि सभी शवों को अस्पताल भेज दिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि होटल निर्धारित नियमों और लाइसेंस शर्तों के अनुरूप संचालित हो रहा था या नहीं।
शॉर्ट सर्किट की आशंका, तकनीकी जांच जारी
फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार शुरुआती तौर पर आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि इसकी पुष्टि तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस और फायर विभाग की टीम इमारत के इलेक्ट्रिकल सिस्टम, सुरक्षा उपकरणों और फायर सेफ्टी इंतजामों की जांच कर रही है। यह भी देखा जा रहा है कि होटल और रेस्टोरेंट के पास आवश्यक फायर एनओसी मौजूद थी या नहीं।
फायर सेफ्टी व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद राजधानी में होटल और रेस्टोरेंट्स की फायर सेफ्टी व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई व्यावसायिक इमारतों में सुरक्षा मानकों का सही ढंग से पालन नहीं किया जाता। संकरी गलियां, सीमित निकासी मार्ग और सुरक्षा उपकरणों की कमी ऐसे हादसों को और अधिक घातक बना देती है। लोगों ने प्रशासन से नियमित निरीक्षण और सख्त कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
