बरेली: एसएसपी अनुराग आर्य ने अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यों की समीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए करगैना चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह सिरोही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। हिस्ट्रीशीटर अपराधी की निगरानी में लापरवाही, विवेचनाओं के निस्तारण में सुस्ती और अपराध नियंत्रण संबंधी कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर यह कार्रवाई की गई है। साथ ही विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। इससे पहले भी राजेंद्र सिरोही के खिलाफ थाना भमौरा, पीलीभीत जिले में भी अफसर कार्रवाई कर चुके हैं। उनका महिला स्कैंडल से बात करने का मामला काफी चर्चा में रहा था।
हिस्ट्रीशीटर की निगरानी में लापरवाही आई सामने
गूगल मीट के माध्यम से आयोजित दैनिक समीक्षा बैठक में पाया गया कि थाना सुभाषनगर क्षेत्र के रहने वाले अजय साहू का नाम दो अलग-अलग छिनैती की घटनाओं में सामने आया है। जांच में यह भी सामने आया कि अजय साहू के खिलाफ थाना सुभाषनगर में हिस्ट्रीशीट संचालित है। इसके बावजूद संबंधित उपनिरीक्षक द्वारा उसकी प्रभावी निगरानी नहीं की गई और यक्ष एप की एसओपी के अनुसार नियमित मॉनिटरिंग भी नहीं की गई।
विवेचनाओं और कानून व्यवस्था के कार्यों में भी मिली कमी
समीक्षा के दौरान यह भी पाया गया कि उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह सिरोही को अप्रैल माह में 35 विवेचनाएं आवंटित की गई थीं, जिनमें से केवल 11 का ही निस्तारण किया गया। इसके अलावा आयुध अधिनियम, जुआ अधिनियम, वाहन सीजर तथा पुलिस अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई में भी अपेक्षित प्रगति नहीं मिली। एसएसपी ने इसे कर्तव्यों के प्रति उदासीनता और गंभीर लापरवाही माना।
SSP की चेतावनी: अपराधी सक्रिय हुआ तो तय होगी जिम्मेदारी
एसएसपी अनुराग आर्य ने समीक्षा बैठक में सभी थाना प्रभारियों और चौकी प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभ्यस्त अपराधियों की निगरानी में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कोई हिस्ट्रीशीटर या अभ्यस्त अपराधी अपराध करता है तो जिस क्षेत्र का वह निवासी है, वहां के संबंधित दरोगा की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों को अपराधियों पर सतत निगरानी रखने और निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
