लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर केंद्र की भाजपा सरकार और उसकी नीतियों पर तीखा हमला बोला है। गुरुवार को अखिलेश यादव ने अपने आधिकारिक X (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए कथित अंतरराष्ट्रीय ‘डील’ को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
वीडियो के साथ अखिलेश यादव ने लिखा कि,“ये ‘डील’ वो ‘डाल’ है, जिसको उस पर बैठनेवाला ही काट रहा है। ये डील हमारे देश की सिर्फ खेती-मजदूरी ही नहीं, बल्कि हर तरह के पैदावार-उत्पादन, काम-कारोबार और रोज़गार के खिलाफ है।”अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि यह डील देश की अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के बजाय उसे कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी अदृश्य ज़ंजीर है, जो पैसे के लालच में डूबे बिचौलियों की मानसिकता वाले खुदगर्ज भाजपाइयों को दिखाई नहीं दे रही है।
सपा प्रमुख ने अपने बयान में ऐतिहासिक संदर्भ जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने लिखा कि, “जिन लोगों ने पहले हमारे लोगों को साक्षात ज़ंजीरों में बांधकर भेजा था, अब उन्होंने डील का जाल फेंककर भाजपा सरकार को मजबूर कर दिया है।” इस टिप्पणी के जरिए अखिलेश यादव ने मौजूदा नीतियों को देश की संप्रभुता और आर्थिक स्वतंत्रता के लिए खतरा बताया।
अखिलेश यादव ने भाजपा के ‘स्वदेशी’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ जैसे नारों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अब भाजपा के वे तमाम संगी-साथी कहां चले गए, जो कभी स्वदेशी का नारा दिया करते थे। सपा प्रमुख ने तंज कसते हुए लिखा कि भाजपा को अब आत्मनिर्भरता की जगह ‘परनिर्भरता’ का नारा अपना लेना चाहिए।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि अखिलेश यादव का यह बयान आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की आर्थिक और विदेश व्यापार नीतियों पर सियासी बहस को और तेज कर सकता है। विपक्ष लगातार यह आरोप लगा रहा है कि सरकार की नीतियां बड़े उद्योगपतियों और विदेशी ताकतों के हित में हैं, जबकि किसान, मजदूर और छोटे कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। फिलहाल भाजपा की ओर से अखिलेश यादव के इस बयान पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन इतना तय है कि ‘डील’ को लेकर सियासी जंग अब और तीखी होने वाली है।
