बदायूं : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले से एक बड़ी लापरवाही की खबर सामने आई है। यहां के कादरचौक क्षेत्र के गांव लभारी स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में खाना बनाते समय अचानक सिलिंडर में आग लग गई। आग लगते ही स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों में चीख-पुकार शुरू हो गई। हालांकि स्कूल स्टाफ और गांव वालों की सूझबूझ से सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और बड़ा हादसा टल गया।
गांव लभारी के प्राथमिक विद्यालय में शुक्रवार को उस समय हड़कंप मच गया जब मिड-डे मील के लिए खाना बनाते समय रसोई में रखा गैस सिलिंडर अचानक आग पकड़ बैठा। देखते ही देखते आग ने रसोईघर को अपनी चपेट में ले लिया। घटना के समय स्कूल में मौजूद छात्र-छात्राएं घबरा गए और चीखने-चिल्लाने लगे।
बताया जा रहा है कि स्कूल में कुल 280 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें से शुक्रवार को 61 बच्चे स्कूल पहुंचे थे। हादसे के समय रसोइया बच्चों के लिए भोजन तैयार कर रही थीं। इसी दौरान अचानक सिलिंडर में आग लग गई और रसोईघर से धुआं और लपटें उठने लगीं। आग लगने की खबर मिलते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। अध्यापकों और शिक्षामित्रों ने तुरंत बच्चों को कक्षाओं से बाहर निकालकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया।
इस बीच किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। इसके बाद लोगों ने राहत की सांस ली। गनीमत रही कि समय रहते सभी बच्चों को बाहर निकाल लिया गया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।घटना के बाद स्कूल की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। स्कूल परिसर में आग बुझाने के लिए लगाए गए फायर सिलिंडरों की जब जांच की गई तो वे पूरी तरह खराब मिले। कई सिलिंडरों पर जंग लगी हुई थी और किसी को यह भी नहीं पता था कि उन्हें कैसे चलाया जाए। जब पुलिसकर्मियों ने उन्हें चलाने की कोशिश की तो वे भी काम नहीं कर पाए। इससे साफ हो गया कि स्कूल में लगाए गए सुरक्षा उपकरण केवल शोपीस बनकर रह गए थे।
बताया जा रहा है कि स्कूल में कुल सात लोगों का स्टाफ तैनात है। घटना के समय शिक्षक और शिक्षामित्र तो स्कूल में मौजूद थे, लेकिन प्रधानाचार्य करीब 11 बजे तक स्कूल नहीं पहुंची थीं। जब उन्हें आग लगने की सूचना दी गई तो उन्होंने बताया कि वह किसी मीटिंग में गई हुई हैं।घटना के बाद शिक्षा विभाग की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि अगर स्कूलों में लगाए गए फायर सिलिंडरों की नियमित जांच नहीं की जा रही है तो यह बच्चों की सुरक्षा के साथ बड़ा खिलवाड़ है। हालांकि ग्रामीणों और स्कूल स्टाफ की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया।
इस पूरे मामले पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने कहा है कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि खाना बनाते समय सिलिंडर में आग लगने की बात सामने आई है। यदि आग बुझाने के उपकरण खराब पाए गए हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की लापरवाही और स्कूलों में सुरक्षा इंतजामों को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोग मांग कर रहे हैं कि जिले के सभी स्कूलों में सुरक्षा उपकरणों की नियमित जांच कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
