रुहेलखंड विश्वविद्यालय की फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों से ठगी की कोशिश, FIR दर्ज
बरेली : महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (MJPRU) की प्रतिष्ठा का दुरुपयोग कर छात्रों और अभिभावकों से धोखाधड़ी की बड़ी साजिश सामने आई है। विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती एक फर्जी वेबसाइट बनाकर छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की जा रही थी। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन की शिकायत पर बरेली की बारादरी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर बारादरी ने “The Justice HINDI” को बताया कि यूनिवर्सिटी की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है, जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
फर्जी डोमेन से फैलाई जा रही भ्रमित करने वाली जानकारियां
विश्वविद्यालय के वेबसाइट कोऑर्डिनेटर डॉ. अख्तर हुसैन ने कुलसचिव और बारादरी थाना पुलिस को लिखित शिकायत में बताया कि विश्वविद्यालय की एकमात्र आधिकारिक वेबसाइट www.mjpru.ac.in है,जबकि शरारती तत्वों ने इससे मिलती-जुलती www.mjpru.org.in नाम की नकली वेबसाइट तैयार कर दी है। यह फर्जी साइट असली वेबसाइट की तरह दिखने के लिए उसी तरह की सूचनाएं और लेआउट इस्तेमाल कर रही थी।।जिससे छात्र आसानी से धोखे में आ सकते हैं।
ऑनलाइन फीस और डेटा चोरी की आशंका
विश्वविद्यालय प्रशासन को आशंका है कि यह पूरी कार्रवाई सुनियोजित साइबर फ्रॉड का हिस्सा है। फर्जी वेबसाइट के जरिए छात्रों से ऑनलाइन फीस जमा कराने, उनके बैंक विवरण, मोबाइल नंबर और अन्य संवेदनशील निजी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा सकती है। इससे न केवल छात्रों को आर्थिक नुकसान हो सकता है, बल्कि विश्वविद्यालय की छवि भी प्रभावित हो रही है।
SSP से शिकायत, IT Act में कार्रवाई की मांग
कुलसचिव के माध्यम से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) बरेली को औपचारिक शिकायत भेजी गई थी। शिकायत में फर्जी वेबसाइट को तत्काल बंद कराने और इसे संचालित करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। बारादरी पुलिस ने मामले में अपराध संख्या 1589 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा धारा 318(4) में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में साइबर सेल ने जांच कर रहा है।
छात्रों और अभिभावकों के लिए सख्त चेतावनी
रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी सूचना, प्रवेश प्रक्रिया या शुल्क भुगतान के लिए केवल .ac.in डोमेन वाली आधिकारिक वेबसाइट का ही उपयोग करें। किसी भी अन्य लिंक, कॉल या वेबसाइट पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि की तुरंत विश्वविद्यालय या पुलिस को सूचना दें।
साइबर ठगों पर शिकंजा कसने की तैयारी
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि इस तरह की फर्जी वेबसाइटें छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ हैं और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस और साइबर टीम तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
