उत्तर प्रदेश इस वक्त भीषण शीतलहर और घने कोहरे की चपेट में है। ठंड ने इस सीजन के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। पछुआ हवाओं ने गलन को और तेज कर दिया है, जिससे प्रदेश के लोग पहाड़ों जैसी कंपकंपा देने वाली ठंड महसूस कर रहे हैं। बीते 24 घंटों के दौरान प्रदेश में न्यूनतम तापमान सीजन में पहली बार 2.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो शिमला और मनाली जैसे हिल स्टेशनों से भी कम रहा।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इटावा प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां रात का न्यूनतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा बहराइच में 3.0 डिग्री, गोरखपुर में 5.0 डिग्री, सुल्तानपुर में 5.4 डिग्री और आजमगढ़ में 5.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। ठंड का असर इतना ज्यादा है कि दिन में भी शीत दिवस यानी कोल्ड डे जैसी स्थिति बनी हुई है।
सोमवार सुबह प्रदेश के करीब 50 जिले घने कोहरे की चपेट में रहे। बलिया, झांसी, गोरखपुर, लखनऊ समेत कई जिलों में दृश्यता शून्य से 10 मीटर तक सिमट गई। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। कोहरे के साथ ओस की बूंदें रिमझिम बारिश जैसी गिरती नजर आईं। लखनऊ, भदोही, बलिया, संभल और गाजीपुर समेत 10 शहरों में बादल छाए रहे, जबकि 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सर्द हवाएं चलती रहीं।
घने कोहरे ने जहां जनजीवन को प्रभावित किया, वहीं यह जानलेवा भी साबित हुआ। सोमवार को कोहरे के चलते दो बड़े सड़क हादसे सामने आए, जिनमें कुल 5 लोगों की मौत हो गई और 10 से अधिक लोग घायल हो गए। मुजफ्फरनगर में नई मंडी थाना क्षेत्र के हाईवे पर कोहरे के कारण एक बाइक पीछे से ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा घुसी। इस दर्दनाक हादसे में जड़ौदा गांव निवासी सोनू, उनकी पत्नी राधिका और बेटी रिया की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बेटा कल्लू गंभीर रूप से घायल हो गया।
वहीं आगरा के थाना इरादतनगर क्षेत्र में आगरा-ग्वालियर मार्ग पर खारी नदी के पास कोहरे के कारण 7 वाहन आपस में टकरा गए। हादसे में 2 लोगों की मौत हो गई, जबकि आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। हादसे की वजह बेहद कम विजिबिलिटी बताई जा रही है।
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल सिंह ने बताया कि पहाड़ों पर लगातार बर्फबारी हो रही है और पश्चिमी विक्षोभ गुजर चुका है। उन्होंने कहा कि जब विक्षोभ पास होता है तो तापमान में हल्का उछाल आता है, लेकिन उसके बाद तापमान में तेजी से गिरावट होती है। इसी वजह से आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों को बेहद अहम बताया है और लोगों से अपील की है कि अत्यंत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें।
ठंड और कोहरे को देखते हुए प्रशासन ने भी अलर्ट जारी किया है। विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग गर्म कपड़े पहनें, खुले में अलाव का सहारा लें और वाहन चलाते समय विशेष सतर्कता बरतें, क्योंकि फिलहाल ठंड से राहत मिलने की कोई उम्मीद नजर नहीं आ रही है।
