आजमगढ़ : आजमगढ़ से बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और उसके अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। हालांकि इस दौरान उन्होंने एक ऐसा बयान भी दिया, जिसकी चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अखिलेश यादव की बेटी के खिलाफ सोशल मीडिया पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणियां किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जा सकतीं और बेटियों के सम्मान के मामले में कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
आजमगढ़ विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ दिनों पहले उनके संज्ञान में यह मामला आया था कि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव की पुत्री के खिलाफ कुछ लोगों ने गलत और अपमानजनक टिप्पणियां की थीं। जैसे ही उन्हें इसकी जानकारी मिली, उन्होंने पुलिस अधिकारियों को तत्काल एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटी किसी भी परिवार, समाज या राजनीतिक दल की हो, उसका सम्मान सर्वोपरि है। भारतीय संस्कृति में गांव की बेटी को पूरे गांव की बेटी माना जाता है और बहन-बेटियों के सम्मान की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर बोलते हुए समाजवादी पार्टी को भी घेरा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव अक्सर दूसरों को सीख देने का काम करते हैं, लेकिन उन्हें अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों को भी भाषा की मर्यादा का पाठ पढ़ाना चाहिए। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कई बार समाजवादी पार्टी से जुड़े लोग बहनों-बेटियों, बुजुर्गों, दिवंगत व्यक्तियों और वरिष्ठ नेताओं के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले अपने लोगों के व्यवहार और भाषा पर भी ध्यान देना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि यदि वे अपने लोगों को समझा नहीं पा रहे हैं तो उन्हें सरकार के हवाले कर दें, सरकार उन्हें अच्छी तरह समझा देगी।
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश में हुए विकास कार्यों और सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज बेटियों की शिक्षा और शादी के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है। गरीब परिवारों की बेटियों को आर्थिक सहायता दी जा रही है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्ष 2014 और 2017 से पहले ऐसी योजनाएं क्यों नहीं शुरू हो सकीं। उनके अनुसार इसका मुख्य कारण राजनीतिक इच्छाशक्ति की कमी थी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान सरकार ने विकास को प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया है। एक्सप्रेस-वे, विश्वविद्यालय, मेडिकल और नर्सिंग कॉलेजों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने कहा कि आज पूर्वांचल के लोगों को बेहतर सड़क और परिवहन सुविधाएं मिल रही हैं। आजमगढ़ से गोरखपुर, वाराणसी और लखनऊ तक की यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान और तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिना किसी भेदभाव के सभी वर्गों को सुरक्षा और विकास देने का काम किया है। गरीबों को आवास, शौचालय और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है और व्यापारियों को भी सुरक्षित माहौल देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति गरीब की जमीन पर कब्जा करने, किसी बेटी की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने या किसी व्यापारी के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सभी को सुरक्षा और विकास देने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन कानून तोड़ने वालों की जिम्मेदारी सरकार नहीं ले सकती।
