बरेली : महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड (MJPRU) विश्वविद्यालय में शैक्षिक सत्र 2026-27 से एलएलएम के विभिन्न पाठ्यक्रमों को नए स्वरूप में पढ़ाया जाएगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने एलएलएम साइबर लॉ, व्यापार एवं कॉरपोरेट कानून तथा कार्यकारी एलएलएम के पाठ्यक्रमों को अपग्रेड कर डिजिटल और व्यावसायिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किया है। सबसे बड़ा बदलाव एलएलएम साइबर लॉ में किया गया है, जहां पहली बार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उससे जुड़े कानूनी पहलुओं को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है।
साइबर लॉ में एआई और डेटा संरक्षण पर रहेगा फोकस
विधि विभागाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 से संचालित एलएलएम साइबर लॉ का पाठ्यक्रम अब तक मुख्य रूप से आईटी एक्ट-2000 पर आधारित था। लेकिन तेजी से बदलते डिजिटल परिदृश्य को देखते हुए इसमें व्यापक बदलाव किए गए हैं। नए पाठ्यक्रम में डेटा संरक्षण कानून, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और कानून, साइबर अपराध तथा डिजिटल साक्ष्य जैसे आधुनिक विषय शामिल किए गए हैं। इस कोर्स की फीस 30 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर निर्धारित की गई है। कॉरपोरेट लॉ को एनईपी 2026 के अनुसार किया गया अपडेट एलएलएम व्यापार एवं कॉरपोरेट कानून के एक वर्षीय पाठ्यक्रम में भी महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। नए पाठ्यक्रम में WTO, SEBI नियम, सरफेसी अधिनियम, प्रतिस्पर्धा कानून और ई-कॉमर्स के कानूनी ढांचे जैसे विषय जोड़े गए हैं। विश्वविद्यालय का मानना है कि इससे छात्रों को बदलते कॉरपोरेट और व्यावसायिक वातावरण की बेहतर समझ मिलेगी।
नौकरीपेशा लोगों के लिए लचीला होगा कार्यकारी एलएलएम
विश्वविद्यालय का कार्यकारी एलएलएम कोर्स विशेष रूप से सेवारत अधिकारियों, अधिवक्ताओं और न्यायिक अधिकारियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसमें मूल्यांकन प्रणाली को भी बदला गया है। पहले जहां लिखित और प्रायोगिक मूल्यांकन का अनुपात 70-30 या 60-40 था।वहीं अब इसे 50-50 कर दिया गया है। इसके अलावा ऑनलाइन, ऑफलाइन और हाइब्रिड मोड में इवनिंग क्लासेस की सुविधा भी दी जाएगी, जिससे नौकरीपेशा लोग बिना सेवा प्रभावित किए उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे।
27 जून को प्रस्तावित प्रवेश परीक्षा
एलएलएम पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 27 जून को प्रवेश परीक्षा प्रस्तावित है, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 15 जून निर्धारित की गई है। एलएलएम साइबर लॉ दो वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसकी फीस 30 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर है। वहीं एलएलएम व्यापार एवं कॉरपोरेट कानून एक वर्षीय कोर्स है, जिसकी फीस 40 हजार रुपये प्रति सेमेस्टर तय की गई है।
कानूनी शिक्षा को आधुनिक बनाने की पहल
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नए पाठ्यक्रम छात्रों को साइबर कानून, कॉरपोरेट गवर्नेंस और डिजिटल न्याय प्रणाली जैसे उभरते क्षेत्रों में बेहतर अवसर उपलब्ध कराएंगे। एआई और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों को शामिल किए जाने से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों और रोजगार की संभावनाओं के अनुरूप तैयार किया जा सकेगा।
