लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित वंदे मातरम के 150वीं वर्षगांठ समारोह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह राष्ट्रीय गीत केवल एक गीत नहीं, बल्कि देशवासियों के दिलों में राष्ट्रप्रेम और एकता की भावना जगाने वाला प्रतीक है। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से यह कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान वंदे मातरम ने देश को एक सूत्र में बांधने का काम किया और सभी स्वतंत्रता सेनानियों को प्रेरणा दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में इस वर्ष पूरे देश में वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। उन्होंने कहा कि यह गीत हमारी देशभक्ति, शक्ति और भक्ति का प्रतीक है और नई पीढ़ी को इसके महत्व से अवगत कराना आवश्यक है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वंदे मातरम न केवल ऐतिहासिक महत्व रखता है, बल्कि यह आज भी देशवासियों को एकता, सहयोग और राष्ट्रप्रेम के मूल्यों से जोड़ता है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे इस गीत की महिमा और संदेश को समझें और इसे अपने जीवन में आत्मसात करें।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के कई मंत्री, नेता और अधिकारीगण भी उपस्थित थे। उन्होंने वंदे मातरम के महत्व पर अपने विचार साझा किए और इसे देश की सांस्कृतिक और भावनात्मक धरोहर बताया। कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया, जिससे कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंत में यह संदेश दिया कि वंदे मातरम केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि यह भारत माता के प्रति प्रेम और देशभक्ति की आत्मा है, जिसे सभी नागरिकों को दिल से अपनाना चाहिए। इस कार्यक्रम ने वंदे मातरम के ऐतिहासिक और वर्तमान महत्व को पूरी तरह उजागर किया।
