नई दिल्ली : कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी OSM को लेकर उठे विवाद पर बड़ा बयान दिया है। राहुल गांधी ने उन दो छात्रों की खुलकर सराहना की है, जिन्होंने कथित तौर पर सीबीएसई और एक निजी कंपनी के बीच हुई अनियमितताओं को उजागर किया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि सरकार युवाओं को सवाल पूछने से रोकना चाहती है, लेकिन देश के युवा अब जवाब मांग रहे हैं। आखिर क्या है पूरा मामला, देखिए यह रिपोर्ट।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा किया। यह वीडियो उनकी हाल ही में छात्र सार्थक सिद्धांत के साथ हुई मुलाकात का है। सार्थक सिद्धांत वही छात्र हैं जिन्होंने सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी OSM से जुड़ी कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं। राहुल गांधी ने अपने पोस्ट में सार्थक सिद्धांत और उनकी सहयोगी निसर्गा अधिकारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों युवाओं ने वह काम कर दिखाया जो देश के बड़े मीडिया संस्थान और खोजी पत्रकार भी नहीं कर पाए।
राहुल गांधी ने लिखा कि 18 वर्षीय सार्थक सिद्धांत ने अपनी मेहनत, समझ और साहस के दम पर एक ऐसे मुद्दे को उजागर किया है, जिसने पूरे देश का ध्यान आकर्षित किया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह युवाओं की जागरूकता और लोकतंत्र की ताकत का उदाहरण है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि युवा सिर्फ रील बनाते रहें और पकौड़े तलते रहें, लेकिन देश के युवाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे सवाल भी पूछ सकते हैं और उनके जवाब भी खोज सकते हैं।
दरअसल, यह पूरा मामला सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम यानी OSM से जुड़ा हुआ है। सीबीएसई ने हाल के वर्षों में उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए पारंपरिक व्यवस्था की जगह डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली लागू की है।
इस प्रणाली में छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर परीक्षकों को उपलब्ध कराया जाता है, जहां उनका मूल्यांकन किया जाता है। लेकिन कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि उन्हें दिखाई गई स्कैन कॉपियां उनकी वास्तविक उत्तर पुस्तिकाओं से मेल नहीं खाती थीं। इसी के बाद OSM प्रणाली की पारदर्शिता और टेंडर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे।
सार्थक सिद्धांत ने इस मामले में जानकारी जुटाकर कथित तौर पर OSM टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने दावा किया कि सीबीएसई और संबंधित कंपनी के बीच हुए समझौतों और प्रक्रियाओं में कई सवाल खड़े होते हैं। पिछले सप्ताह राहुल गांधी ने सार्थक सिद्धांत और उनके परिवार से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने छात्र के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा था कि वह अपने सिद्धांतों पर अडिग रहें और सच के लिए संघर्ष जारी रखें। राहुल गांधी ने वीडियो में सार्थक से यह भी पूछा कि उन्होंने इतनी महत्वपूर्ण जानकारी कैसे जुटाई। बातचीत के दौरान राहुल ने कहा कि सार्थक ने एक खोजी पत्रकार की तरह काम किया है।
इस पूरे विवाद के बाद सरकार ने भी कार्रवाई की है। OSM प्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच सीबीएसई के दो वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया गया है।हालांकि कांग्रेस का कहना है कि केवल अधिकारियों को हटाना पर्याप्त नहीं है। राहुल गांधी ने इस मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।उन्होंने कहा कि यदि शिक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी अनियमितताओं के आरोप लगे हैं तो पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक जांच कराई जानी चाहिए ताकि छात्रों का भरोसा बहाल हो सके।
राहुल गांधी ने कहा कि देश का भविष्य उन युवाओं के हाथ में सुरक्षित है जो जिज्ञासु हैं, सवाल पूछते हैं और व्यवस्था को जवाबदेह बनाना चाहते हैं। उनके मुताबिक सार्थक सिद्धांत और निसर्गा अधिकारी जैसे युवा लोकतंत्र की असली ताकत हैं।वहीं दूसरी ओर OSM विवाद को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है। विपक्ष जहां इसे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता का मुद्दा बता रहा है, वहीं इस मामले में आगे की जांच और कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
फिलहाल OSM विवाद ने देश की शिक्षा व्यवस्था और परीक्षा मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि सरकार और सीबीएसई इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं और छात्रों की चिंताओं का समाधान कैसे किया जाता है।
