प्रयागराज : प्रयागराज में रविवार रात एक दर्दनाक हादसे ने शादी की खुशियों को मातम में बदल दिया। बारातियों से भरी दो कारें अनियंत्रित होकर बेलन मुख्य नहर में गिर गईं। हादसे के वक्त दोनों कारों में करीब 10 लोग सवार थे। कारों को नहर में गिरते देख पीछे से आ रहे अन्य बाराती मदद के लिए दौड़े, लेकिन नहर की गहराई और तेज बहाव को देखकर वे असहाय हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा और रातभर करीब आठ घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
हादसा कोरांव थाना क्षेत्र में रविवार रात करीब साढ़े दस बजे हुआ। नैनी निवासी लालजी शुक्ला के बेटे शुभम शुक्ला की बारात नैनी से कोरांव के घूघा गांव जा रही थी। बारात में शुभम के दोस्त भी शामिल थे और सभी कारों से यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई, और उसके पीछे चल रही दूसरी कार भी उसमें जा गिरी।
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और अन्य बाराती मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया। पानी में उतरकर लोगों ने साहस दिखाया और आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, दो लोग नहर के तेज बहाव में बह गए, जिनकी तलाश पूरी रात जारी रही। सोमवार सुबह दो शव नहर से बरामद किए गए।
मृतकों की पहचान बांदा निवासी प्रदीप कुशवाहा उर्फ पिंटू (30) और बलिया निवासी अनीश सिंह (20) के रूप में हुई है। हादसे में शुभम शुक्ला, सौरभ गौतम (रीवा), संदीप कुमार (आजमगढ़) और विशाल मौर्य (जौनपुर) को पहले सुरक्षित निकाला गया। दूसरी कार में सवार प्रदीप कुशवाहा, अनूप कुमार, वसीम और अंशू (गाजीपुर) तथा रोहित कुमार (बलिया) भी नहर में गिरे थे, जिनमें से अधिकांश को बचा लिया गया।
अनीश सिंह के परिजनों ने बताया कि वह घर का इकलौता बेटा था। वह बीएससी की पढ़ाई कर रहा था। उसके पिता सीआरपीएफ में तैनात थे और करीब दस साल पहले उनका निधन हो गया था। अनीश की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वहीं, प्रदीप कुशवाहा की कहानी और भी ज्यादा पीड़ादायक है। उसकी शादी की पहली सालगिरह 24 फरवरी को थी और उसकी पत्नी गर्भवती है। प्रदीप सीआरपीएफ में कार्यरत था और श्रीनगर कैंप में तैनात था। शादी समारोह में शामिल होने वह घर आया था, लेकिन यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और रात्रि यात्रा के दौरान सतर्कता की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
